सपा सांसद डिंपल यादव | Source: Abp Newsसपा सांसद डिंपल यादव Source : Abp News

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से आमरण भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस कार्रवाई पर समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

डिंपल यादव ने सरकार पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाजों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।”

उन्होंने आगे कहा कि “सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलने जैसा है। भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं है। यह तानाशाही है।”

दिल्ली पुलिस ने बताई कार्रवाई की वजह

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी। हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के आधार पर उन्हें मेडिकल निगरानी के लिए जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध करते हुए बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन पूरे अभियान को संयम और शांति के साथ पूरा किया गया। साथ ही प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से स्थल खाली करने की अपील भी की गई।

पहले भी जंतर-मंतर पहुंची थीं डिंपल यादव

गौरतलब है कि डिंपल यादव 16 जुलाई को समाजवादी पार्टी के सांसदों और विधायकों के साथ जंतर-मंतर पहुंची थीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने आंदोलन के समर्थन में हिस्सा लिया था और प्रदर्शन स्थल पर ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए गए थे।

सोनम वांगचुक और उनके समर्थक NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की न्यायिक जांच की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं।