नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने यह फैसला लिया। अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए अपने फैसले की जानकारी साझा की।
26 दिन के अनशन के बाद लिया फैसला
सोनम वांगचुक ने 28 जून को शुरू हुए अपने अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान पहले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहीं सरकार के साथ बातचीत के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
चार घंटे चली उच्चस्तरीय बैठक
सूत्रों के अनुसार, वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बीच करीब चार घंटे तक बैठक हुई। बैठक में आंदोलन से जुड़े मुद्दों और वांगचुक के स्वास्थ्य पर चर्चा की गई।
सरकार ने सौंपा लिखित आश्वासन
बताया जा रहा है कि गृह मंत्री के निर्देश के बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने वांगचुक की पत्नी गीतांजली से बात कर सरकार का पक्ष रखा। इसके बाद जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे और वांगचुक को सरकार की ओर से लिखित आश्वासन पत्र सौंपा।
आज CJP से हो सकती है वार्ता
केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक को बताया कि सरकार CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों को एक तटस्थ (न्यूट्रल) स्थान पर बातचीत के लिए आमंत्रित करेगी। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित हो सकती है।
अगले सप्ताह संसद में आ सकता है नया विधेयक
सरकार ने वांगचुक को भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही से जुड़े प्रावधानों वाला एक नया विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने वीडियो संदेश में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कदम और नए कानूनी प्रावधानों का संकेत दे चुके हैं।
लद्दाख लौटने से पहले छात्रों से करेंगे संवाद
वांगचुक ने कहा कि वह लद्दाख लौटने से पहले आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि वह छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने और सरकार के साथ चल रही वार्ता प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने की अपील करेंगे।
CJP ने किया फैसले का स्वागत
वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP समर्थकों ने स्वागत किया। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक का फैसला राहत देने वाला है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।
