सोनम वांगचुक ने रांची छात्र आंदोलन का समर्थन किया। | Source: Chrome

सोनम वांगचुक ने रांची छात्र आंदोलन का समर्थन किया।Source : Chrome

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची में जारी धरना अब भूख हड़ताल तक पहुंच चुका है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनिश्चितकालीन अनशन के बीच आंदोलन को AISA और CJP जैसे संगठनों का भी समर्थन मिल गया है।

रांची में आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार

राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का धरना कई दिनों से जारी है। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुट रहे हैं और सरकार से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसी बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

भूख हड़ताल शुरू होने के बाद छात्रों ने रांची में मशाल जुलूस भी निकाला। प्रदर्शनकारी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

देवेंद्र महतो बने आंदोलन का प्रमुख चेहरा

भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से विरोध के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसलिए अब उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता चुना है। उन्होंने समर्थकों से आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील भी की।

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही पिछले कई वर्षों में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच, कथित पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में सुधार और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग भी उठाई जा रही है।

सरकारी जांच पर छात्रों ने जताया अविश्वास

धरना दे रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से कराई जा रही सीआईडी जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि पहले भी कई मामलों में जांच का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। इसलिए वे स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।

AISA और CJP ने दिया समर्थन

आंदोलन को अब छात्र संगठन AISA और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिल गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र नेताओं से बातचीत कर आंदोलन के समर्थन का भरोसा दिया। वहीं AISA ने 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा मार्च का ऐलान किया है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों के शामिल होने की संभावना है।

सरकार से बातचीत की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि लगातार आंदोलन के बावजूद सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया। उनका आरोप है कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। छात्रों ने मांग की है कि सरकार जल्द वार्ता शुरू करे और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवादों का समाधान निकाले, अन्यथा आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।