चेन्नई। तमिलनाडु की तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार ने अपने पहले पूर्ण बजट में कई ऐसी घोषणाएं की हैं, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) के नेतृत्व वाली सरकार की वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए महिलाओं, छात्रों, नवजात शिशुओं, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का ऐलान किया। सरकार ने साथ ही वर्ष 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
दुल्हनों को मिलेगा सोने का सिक्का और रेशमी साड़ी
सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए नई विवाह सहायता योजना की घोषणा की है। इसके तहत पात्र महिलाओं को विवाह के समय आठ ग्राम का सोने का सिक्का और एक रेशमी (सिल्क) साड़ी प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए बजट में 812 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को विवाह के समय सहायता उपलब्ध कराना है।
सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी
बजट में 'थाई मामन थंगा मोधिरा योजना' के लिए 560 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि यह योजना मातृ एवं शिशु कल्याण को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव को बढ़ावा देगी।
पहली बार हज जाने वालों के लिए बढ़ी आर्थिक सहायता
तमिलनाडु सरकार ने पहली बार हज यात्रा पर जाने वाले पात्र मुस्लिम श्रद्धालुओं के लिए राज्य की हज सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा की है। पहले प्रति यात्री 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 35 हजार रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से पहली बार हज यात्रा करने वाले हजारों लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार के अनुसार, हज-2026 के लिए तमिलनाडु से 4,065 यात्रियों का चयन किया गया है, जबकि कुल 10,846 आवेदन प्राप्त हुए थे। निर्धारित कोटे के कारण चयन प्रक्रिया लॉटरी के माध्यम से पूरी की गई।
छात्रों को मुफ्त साइकिल, हेलमेट और बोतल होल्डर
शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने 'जेनरेशन-ज़ेड' के विद्यार्थियों को मुफ्त साइकिल उपलब्ध कराने की घोषणा की है। योजना के तहत साइकिल के साथ हेलमेट और बोतल होल्डर भी दिए जाएंगे। इसके लिए 777 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों की शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
कॉलेज छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये
डिजिटल शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए 'वेट्री मडिकनिनी थिट्टम' के अंतर्गत कॉलेज विद्यार्थियों को मुफ्त लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से जोड़ना है।
शिक्षा क्षेत्र को मिला सबसे बड़ा बजटीय समर्थन
वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने शिक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए सरकारी विद्यालयों के आधुनिकीकरण के लिए 2,132 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा शिक्षा संबंधी अन्य योजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपये, स्कूली पाठ्यक्रम में सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये तथा 'पेरुंथलैवर कामराजर मॉडर्न रेजिडेंशियल स्कूल' स्थापित करने के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पूरे बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 44,527 करोड़ रुपये तथा उच्च शिक्षा विभाग के लिए 8,393 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
स्वच्छ और नशामुक्त विद्यालयों पर भी विशेष जोर
विद्यालयों के बुनियादी ढांचे और स्वच्छता में सुधार के लिए 'सुपर क्लीन सुपर कैंपस' योजना के तहत 139 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 'ड्रग फ्री तमिलनाडु' अभियान के लिए 7 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए निवेश, औद्योगिक विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित रहा पहला बजट
तमिलगा वेट्री कझगम सरकार का पहला बजट स्पष्ट रूप से सामाजिक कल्याण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास पर केंद्रित दिखाई दिया। विवाह सहायता से लेकर नवजात शिशुओं, छात्रों और हज यात्रियों तक विभिन्न वर्गों के लिए की गई घोषणाओं ने इस बजट को चर्चा का विषय बना दिया है। अब इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सभी की नजरें रहेंगी, क्योंकि इन्हीं के आधार पर सरकार के पहले बजट की सफलता का आकलन किया जाएगा।
