erer | Source: erereनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की मजबूत आर्थिक रफ्तार के बीच नागरिकों से ऐसी अपील की है, जिसने खासा ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री ने देश की 7.8 प्रतिशत विकास दर पर खुशी जताते हुए देशवासियों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के लिए लोगों से स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आवश्यकता न होने पर सोना खरीदने और विदेश यात्रा करने से भी बचना चाहिए।

7.8 प्रतिशत विकास दर पर प्रधानमंत्री ने जताई खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा की गई अपनी नई वीडियो रील के माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर मौजूदा परिस्थितियां आसान नहीं हैं। दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध चल रहे हैं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संकट बने हुए हैं और आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हुई है। कोविड-19 महामारी के दौर के बाद से दुनिया में लगातार अस्थिरता देखने को मिल रही है। इसके बावजूद भारत ने तेज आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।

प्रधानमंत्री ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर को देशवासियों के संकल्प, मेहनत और क्षमता का परिणाम बताते हुए जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विपरीत वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत का आगे बढ़ना महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इस गति को बनाए रखने के लिए देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा।

सोना खरीदने को लेकर क्यों की ऐसी अपील?

प्रधानमंत्री के संबोधन का सबसे अधिक चर्चा में आने वाला हिस्सा उनकी सोना खरीदने संबंधी अपील रही। उन्होंने कहा कि यदि सोना खरीदना जरूरी नहीं है तो लोगों को फिलहाल इसकी खरीद से बचना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने विदेश यात्राओं को लेकर भी लोगों से आवश्यकता के अनुसार निर्णय लेने की बात कही।

प्रधानमंत्री का जोर देश में उपलब्ध वस्तुओं और सेवाओं को बढ़ावा देने पर रहा। उन्होंने स्वदेशी को अपनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने की जरूरत बताई। उनका संदेश था कि देशवासी जितना अधिक घरेलू उत्पादों और स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहित करेंगे, उतना ही देश की आत्मनिर्भरता का आधार मजबूत होगा।

विदेश में शादी करने वालों को भी दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्राओं के साथ विदेशों में होने वाली शादियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी आयोजन के लिए विदेश जाना आवश्यक नहीं है तो देश में ही ऐसे कार्यक्रम किए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, देश के भीतर होने वाला खर्च घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में योगदान करता है।

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी को अधिक महत्व दें और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों तथा सेवाओं को अपनाने की कोशिश करें।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने इसी दौरान विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के भीतर कुछ लोग निराशा फैलाने और झूठ के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है।

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे नकारात्मकता से प्रभावित हुए बिना देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाएं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत को अपनी आर्थिक गति को आगे भी कायम रखना है और इसके लिए आत्मनिर्भरता बेहद महत्वपूर्ण है।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विकसित भारत के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की नीतियां सही दिशा में हैं और देशवासियों की मेहनत भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

उन्होंने विश्वास जताया कि जब देश आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा, तब भारत अपनी युवा पीढ़ी को एक विकसित राष्ट्र सौंपने की स्थिति में होगा। इसके लिए उन्होंने नागरिकों से पूरी क्षमता के साथ योगदान देने और देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इंस्टाग्राम के जरिए लगातार जनता से संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे लोगों तक अपना संदेश पहुंचाने पर भी जोर दे रहे हैं। इंस्टाग्राम पर साझा की गई उनकी नई रील इसी संवाद का हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं और आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया मंचों का लगातार इस्तेमाल किया है।

इस नए संदेश में आर्थिक विकास, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के लक्ष्य को एक साथ जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से व्यक्तिगत स्तर पर भी योगदान देने की अपील की है। खास तौर पर सोना खरीदने और विदेश यात्रा को लेकर की गई उनकी अपील अब चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है।