मुज़फ़्फ़रनगर और अमरोहा में बड़े हादसे. Source : Republic Bharat
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। अमरोहा और मुजफ्फरनगर में बारिश के बीच अलग-अलग जगहों पर मकान और छत गिरने के तीन हादसे हुए। इन घटनाओं में एक मासूम बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसों के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान चलाया गया।
अमरोहा में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरा, तीन की मौत
अमरोहा के सैदनगली थाना क्षेत्र के ताजपुर गांव में लगातार बारिश के बीच एक निर्माणाधीन मकान का ताजा डाला गया लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त परिवार के कुछ लोग लेंटर के नीचे बैठकर खाना खा रहे थे। अचानक छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे में एक महिला और एक साल के मासूम समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम राहत-बचाव दल के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें अस्पताल भेजा गया। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
मुजफ्फरनगर में दो अलग-अलग हादसे, मासूम बच्ची की मौत
मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना तहसील में भी बारिश के चलते दो अलग-अलग जगहों पर मकान की छत गिरने की घटनाएं सामने आईं। पहला हादसा सुबह करीब सात बजे हुसैनपुर कला गांव में हुआ, जहां बबलू के कच्चे मकान की छत अचानक गिर गई। हादसे में बबलू, उनकी पत्नी सायमा और उनके तीन बच्चे मलबे में दबकर घायल हो गए। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, दूसरा हादसा शाम करीब चार बजे हबीबपुर सीकरी गांव में हुआ। यहां विकास के मकान की छत गिरने से उनकी पत्नी संगीता और दो बच्चे घायल हो गए, जबकि एक साल की मासूम सानवी की मलबे में दबने से मौत हो गई।
प्रशासन ने लोगों से की सुरक्षित रहने की अपील
लगातार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बुढ़ाना के एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह ने लोगों से कहा कि बारिश के दौरान कच्चे और जर्जर मकानों से दूर रहें, क्योंकि ऐसे निर्माण कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। प्रशासन की ओर से गांवों में प्रधानों के माध्यम से जरूरी व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाएं और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।
