गर्भावस्था के दौरान बढ़ता वजन, शरीर में दर्द, बार-बार करवट बदलना और हार्मोनल बदलाव कई महिलाओं की नींद को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि प्रेग्नेंसी में अच्छी नींद लेना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेरेंटल योग न केवल शरीर को आराम पहुंचाने में मदद करता है, बल्कि मानसिक तनाव कम कर गर्भवती महिलाओं को बेहतर महसूस कराने में भी सहायक हो सकता है।

Pregnancy | Source: Pexel

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पेरेंटल योग क्यों है फायदेमंद?

TOI से बातचीत में डॉ. नेहा शुक्ला ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एक्टिव लाइफस्टाइल बनाए रखना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, पेरेंटल योग महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का सुरक्षित तरीका हो सकता है। इसमें नियंत्रित श्वास, हल्की स्ट्रेचिंग और रिलैक्सेशन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर को आराम देने में मदद करती हैं।

तनाव और चिंता को कर सकता है कम

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई भावनात्मक बदलावों से गुजरना पड़ता है। प्रसव को लेकर चिंता, भविष्य की जिम्मेदारियां और हार्मोनल उतार-चढ़ाव तनाव बढ़ा सकते हैं। ऐसे में योग और ध्यान मन को शांत रखने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित योग अभ्यास आत्मविश्वास बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है।

प्राणायाम से मिल सकता है अतिरिक्त लाभ

पेरेंटल योग का एक अहम हिस्सा प्राणायाम है। गहरी और नियंत्रित सांस लेने की तकनीक शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही ब्रीदिंग एक्सरसाइज प्रसव के समय महिलाओं को अधिक शांत, केंद्रित और सहज बनाए रखने में उपयोगी साबित हो सकती है।

कमर दर्द से राहत, लेकिन सावधानी भी जरूरी

प्रेग्नेंसी बढ़ने के साथ पीठ, कमर और कूल्हों पर दबाव बढ़ जाता है। कुछ विशेष योगासन मांसपेशियों को मजबूत बनाने, शरीर की लचक बढ़ाने और सही पोस्चर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, जिससे दर्द, जकड़न और सूजन जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि गहरे ट्विस्ट, कठिन बैकबेंड और ज्यादा तीव्र व्यायाम से बचना चाहिए। प्रीनेटल योग शुरू करने से पहले डॉक्टर और प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।