Uउत्तर प्रदेश के मऊ जिले में दोहरीघाट-औड़िहार रेलखंड और मऊ-आनंद विहार रेल सेवा के उद्घाटन समारोह के दौरान राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही इन रेल सेवाओं के शुभारंभ कार्यक्रम में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब समाजवादी पार्टी और भाजपा समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया और उद्घाटन समारोह विकास परियोजना से ज्यादा सियासी टकराव की वजह से चर्चा में आ गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार कुछ समय तक माहौल काफी गरम रहा, जबकि घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। इसके बाद यह मामला स्थानीय राजनीति से निकलकर प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।


कार्यकर्ताओं को रोकने का आरोप

घोसी से समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में प्रवेश करने से रोका गया। उनका कहना था कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कार्यक्रम के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ आए लोगों को अनावश्यक रूप से रोका गया, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई।


नारेबाजीकार्यक्रम के दौरान हुई

उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच नारेबाजी देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसके कारण कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया।


राजीव राय ने प्रशासन पर उठाए सवाल

कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राजीव राय ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्घाटन जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। सांसद ने कहा कि जनहित के कार्यक्रमों को राजनीतिक टकराव का मंच नहीं बनना चाहिए और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।


राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज

घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। समाजवादी पार्टी की ओर से इसे जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल से जुड़ा मामला बताया गया, जबकि भाजपा समर्थकों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विवाद के बाद यह मुद्दा स्थानीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया।


चर्चा में रहा उद्घाटन से ज्यादा विवाद

दोहरीघाट-औड़िहार और मऊ-आनंद विहार रेल सेवाओं का उद्घाटन क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा था, लेकिन समारोह के दौरान हुए हंगामे ने रेल परियोजना से ज्यादा राजनीतिक विवाद को सुर्खियों में ला दिया। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं और मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।