पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर पटना में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा। शहर के मरीन ड्राइव, पाटलिपुत्रा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मुख्यमंत्री आवास और भारतीय जनता पार्टी कार्यालय समेत कई स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया और पटना में आयोजित अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित कई मंत्री, अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कई स्थानों पर हुआ दीप प्रज्ज्वलन
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के तहत पटना के अलग-अलग प्रमुख स्थानों को दीपों से सजाया गया। मरीन ड्राइव पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। कार्यक्रम स्थल पर सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। आयोजन में सरकार और प्रशासन से जुड़े कई लोग भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी आयोजन का प्रमुख हिस्सा रही। सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ कार्यक्रम की गतिविधियों में हिस्सा लिया। मरीन ड्राइव पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुति भी देखी और वहां मौजूद लोगों से संवाद किया।
आयोजन का स्वरूप केवल दीप प्रज्ज्वलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्रधानमंत्री के जन्मदिन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
कार्यक्रम के बाद इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख नेता सौरव दास ने एक्स पर कार्यक्रम का एक वीडियो साझा करते हुए अंग्रेजी में ‘Buffoonery pro max!’ टिप्पणी की। उनके पोस्ट में कार्यक्रम के स्वरूप पर सवाल उठाया गया।
यह प्रतिक्रिया विशेष रूप से मरीन ड्राइव पर आयोजित दीपोत्सव से जुड़ी थी, जहां मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
आरजेडी ने भी उठाए सवाल
राष्ट्रीय जनता दल की मीडिया पैनलिस्ट प्रियंका भारती ने भी कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीर साझा की। उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति का उल्लेख करते हुए आयोजन पर सवाल उठाया और इसकी आलोचना की।
उनकी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के आयोजन और राज्य में बाढ़ की स्थिति को एक साथ जोड़ते हुए सरकार पर राजनीतिक निशाना साधा गया।
तेजस्वी यादव ने बताया ‘जबरदस्ती का हैप्पी बर्थडे’
आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर सरकारी आदेश के जरिए दीप जलवाने की व्यवस्था की गई और शिक्षकों को भी शाम के समय दीप जलाने की जिम्मेदारी दी गई।
तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि आयोजन पर सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह आंकड़ा आरजेडी की ओर से लगाए गए आरोप के रूप में सामने आया है।
भाकपा माले ने भी आयोजन पर जताई आपत्ति
महागठबंधन की सहयोगी भाकपा माले ने भी कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। पार्टी के प्रदेश सचिव कुणाल ने बिहार में बाढ़ की स्थिति का हवाला देते हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की आलोचना की।
इस तरह एक ओर सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों की भागीदारी के साथ प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक आयोजन हुआ, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इसकी प्राथमिकता और आयोजन से जुड़े खर्च को लेकर सवाल खड़े किए।
कार्यक्रम की तस्वीर क्या बताती है?
पटना में हुए ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सक्रिय मौजूदगी रही। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित किया, आयोजन स्थल का जायजा लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी भी दिखाई दी।
वहीं, आयोजन को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रियाओं ने इसे राजनीतिक बहस का विषय बना दिया। विपक्षी नेताओं ने बाढ़ की स्थिति और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर अपने-अपने आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के जवाब में सरकार या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस उपलब्ध विवरण में दर्ज नहीं है।
दीपों के आयोजन से लेकर सियासी बहस तक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पटना में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने एक ही दिन में सांस्कृतिक आयोजन और राजनीतिक प्रतिक्रिया, दोनों को चर्चा में ला दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत सरकार के कई प्रमुख लोगों की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
कार्यक्रम को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की राय सामने आई है। जहां आयोजन में शामिल लोगों ने दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया, वहीं विपक्षी नेताओं ने बाढ़ और सरकारी संसाधनों को लेकर सवाल उठाए। इस तरह पटना का यह आयोजन प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ राज्य की राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बन गया।
