पटना। पटना हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद शनिवार को देश के आठ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित आदेश जारी किए गए। इस बड़े न्यायिक फेरबदल की जानकारी केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए दी।
दिल्ली हाईकोर्ट से पटना हाईकोर्ट पहुंचेंगे जस्टिस कामेश्वर
जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। अब उन्हें पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब देश के कई उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया चल रही थी।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के आधार पर की गई इन नियुक्तियों में पटना हाईकोर्ट के साथ-साथ सात अन्य हाईकोर्ट भी शामिल हैं। इस फैसले के बाद अलग-अलग उच्च न्यायालयों को नए मुख्य न्यायाधीश मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
आठ हाईकोर्ट में एक साथ हुआ बड़ा न्यायिक फेरबदल
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
इसी क्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को भी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को भी मिले नए प्रमुख
गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
इसके अलावा राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इस तरह एक साथ कई हाईकोर्ट में नेतृत्व परिवर्तन किया गया है।
राजस्थान हाईकोर्ट को लेकर विवाद के बीच हुई नियुक्तियां
इन नियुक्तियों के बीच राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़ा एक विवाद भी चर्चा में रहा। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता द्वारा राजस्थान के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद विवाद की स्थिति पैदा हुई थी।
इसी घटनाक्रम के बीच राजस्थान हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की गई है। जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट की जिम्मेदारी दी गई है।
कौन हैं जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव?
जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव का जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में भूगोल में बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1990 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।
कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मार्च 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के रूप में अपना नामांकन कराया। इसके बाद उन्होंने न्यायिक और कानूनी क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया।
सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में भी कर चुके हैं वकालत
जस्टिस कामेश्वर राव ने अपने वकालती करियर के दौरान सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की प्रधान पीठ में मामलों की पैरवी की। उनके न्यायिक अनुभव का दायरा कई महत्वपूर्ण कानूनी क्षेत्रों तक रहा है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने श्रम कानून, मध्यस्थता, संवैधानिक कानून और प्रशासनिक कानून से जुड़े मामलों में विशेषज्ञता हासिल की है। लंबे कानूनी अनुभव के बाद वे न्यायिक सेवा में आगे बढ़े और दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
अब पटना हाईकोर्ट की जिम्मेदारी
जस्टिस वल्लूरी कामेश्वर राव की नियुक्ति के साथ अब पटना हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुके जस्टिस राव के अनुभव को देखते हुए उनकी नई जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई यह नियुक्ति देश के न्यायिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव है। पटना हाईकोर्ट समेत आठ हाईकोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति से न्यायिक नेतृत्व में बड़ा परिवर्तन हुआ है।
