PoK में प्रदर्शन के दौरान सरदार अमान खान ने पाकिस्तानी सेना पर निशाना साधा। | Source: Chrome

PoK में प्रदर्शन के दौरान सरदार अमान खान ने पाकिस्तानी सेना पर निशाना साधा।Source : Chrome

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। 13 अगस्त को रावलाकोट में हुए प्रदर्शन के दौरान आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल सरदार अमान खान ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर निशाना साधा। उन्होंने PoK से पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी खत्म करने और इसके लिए समयसीमा तय करने की मांग उठाई।

रावलाकोट में प्रदर्शन के दौरान उठी आवाज

13 अगस्त को शाम करीब 6 बजे रावलाकोट के ईदगाह मैदान में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सरदार अमान खान ने पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ अपना विरोध जताया। उन्होंने कहा कि PoK के लोगों से किए गए पुराने वादों को पूरा किया जाना चाहिए।प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान से अलग होने और पाकिस्तानी सेना के इलाके से बाहर जाने जैसे नारे लगाए जाने का दावा किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का दिया हवाला

अमान खान ने 13 अगस्त 1948 के संयुक्त राष्ट्र के भारत-पाकिस्तान आयोग से जुड़े प्रस्ताव का हवाला देते हुए पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि उस प्रस्ताव में क्षेत्र से पाकिस्तानी सैनिकों और नागरिकों को हटाने की बात कही गई थी।उन्होंने कहा कि इतने वर्षों के बाद भी पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी खत्म नहीं हुई है और PoK के लोगों को अब अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठानी पड़ रही है।

जनमत संग्रह का वादा पूरा हो'

सरदार अमान खान ने अपने संबोधन में PoK में जनमत संग्रह कराने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लंबे समय से स्थानीय लोगों के सामने किए गए वादों को पूरा किया जाना चाहिए।उनके मुताबिक, मौजूदा आंदोलन इसी तरह के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहा है।

कई दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन

PoK में स्थानीय स्तर पर सरकार और सेना के खिलाफ विरोध का सिलसिला पिछले कई हफ्तों से चल रहा है। प्रदर्शनकारी अलग-अलग मांगों को लेकर सड़कों पर हैं और प्रशासन से उनकी मांगों पर बातचीत की अपील कर रहे हैं।आंदोलन से जुड़े अवामी एक्शन कमेटी को पाकिस्तान की ओर से आतंकी संगठन घोषित किया गया है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का भी दावा किया गया है।

पाकिस्तानी सेना पर भी लगाए गंभीर आरोप

अमान खान ने पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी ISI पर PoK में हिंसा और हथियारों की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में हथियारों के प्रसार के लिए सेना और ISI जिम्मेदार रही हैं।वहीं, पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता DG-ISPR मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी प्रदर्शनकारियों को लेकर लगातार कड़े बयान देते रहे हैं और उन्हें आतंकी गतिविधियों से जोड़ते रहे हैं।PoK में जारी इस विरोध के बीच स्थानीय प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तान सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।