पटना: लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग हादसे के बाद बिहार में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिहार अग्निशमन सेवा ने राजधानी पटना के कोचिंग संस्थानों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू किया है। इस अभियान के तहत कई प्रमुख कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया, जहां भवन सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन व्यवस्थाओं से जुड़ी कई कमियां सामने आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Source : Etv Bharat
100 से अधिक कोचिंग संस्थानों का किया जा रहा ऑडिट
बिहार अग्निशमन सेवा के डीआईजी मनोज कुमार नट के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को पटना के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान फैजल खान उर्फ खान सर के खान ग्लोबल स्टडीज समेत कई बड़े संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा की गई। निरीक्षण में भवन की संरचना, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई। डीआईजी ने बताया कि पटना जिले में 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश ने सुरक्षा मानकों का केवल आंशिक पालन किया है।
खान ग्लोबल स्टडीज में मिलीं कई सुरक्षा खामियां
मनोज कुमार नट ने बताया कि खान ग्लोबल स्टडीज के निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण कमियां सामने आईं। संस्थान में इलेक्ट्रिक पैनल के ठीक नीचे छात्रों के बैठने की व्यवस्था पाई गई, जो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसके अलावा भवन में ओवरहेड वाटर टैंक, डाउन कमर सिस्टम, होज रील, फायर अलार्म और एग्जिट साइन जैसी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। अधिकारियों के अनुसार जिन कक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ते हैं, वहां स्वचालित वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं पाया गया।
आपातकालीन निकास और सीढ़ियों को लेकर भी सवाल
निरीक्षण टीम ने कई कोचिंग संस्थानों में सीढ़ियों की चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई। साथ ही आपातकालीन निकास मार्ग की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं दिखी। अग्निशमन विभाग का कहना है कि कोचिंग संस्थानों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र आते हैं, ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेष रूप से मुसल्लहपुरहाट क्षेत्र के कई संस्थानों में सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां पाई गई हैं, जहां आकस्मिक स्थिति में बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
डीआईजी मनोज कुमार नट ने स्पष्ट किया कि बिहार अग्निशमन सेवा की वर्ष 2014 और 2021 की नियमावली के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिन संस्थानों में कमियां पाई जाएंगी, उन्हें पहले नोटिस जारी कर सुधार का अवसर दिया जाएगा। यदि निर्धारित समय के भीतर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो संबंधित संस्थान के संचालन पर रोक लगाने तक का निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जहां छात्रों की जान को सीधा खतरा नजर आएगा, वहां कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।
लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना ने पूरे देश का ध्यान कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की ओर खींचा था। प्रारंभिक जांच में भवन में कई जरूरी सुरक्षा इंतजामों की कमी और आपातकालीन निकास व्यवस्था में खामियां सामने आई थीं। हादसे के दौरान छात्रों में अफरा-तफरी मच गई थी और कई विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इसी घटना के बाद विभिन्न राज्यों में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा
शुरू की गई है।
