नई दिल्ली। सहारा ग्रुप की कोऑपरेटिव सोसाइटीज (सहकारी समितियों) में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई निवेश करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी और काम की खबर सामने आई है। यदि आपने भी सहारा की विभिन्न योजनाओं में पैसे लगाए थे और लंबे समय से अपने रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो अब आप घर बैठे अपने आवेदन का लाइव स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। सरकार ने इसके लिए CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसकी मदद से निवेशक आसानी से जान सकते हैं कि उनका आवेदन स्वीकार हुआ है, अभी जांच के दायरे में है या उसमें किसी प्रकार की कोई कमी (Deficiency) पाई गई है।

अब तक 41 लाख से अधिक निवेशकों को मिल चुका है रिफंड

सहकारिता मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अब तक देश भर के 41,56,711 पात्र जमाकर्ताओं को कुल 9,267 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक वापस लौटाई जा चुकी है। हालांकि, इसके बावजूद लगभग 20 लाख आवेदन अभी भी विभिन्न चरणों की प्रक्रियाओं और जांच के इंतजार में हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन निवेशकों ने रिफंड के लिए अप्लाई किया है, उन्हें समय-समय पर अपना स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए ताकि किसी कमी की स्थिति में उसे समय रहते सुधारा जा सके।

घर बैठे ऐसे चेक करें अपना सहारा रिफंड स्टेटस

अगर आप भी अपने पैसे की वापसी का स्टेटस देखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://mocrefund.crcs.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिए गए डिपॉजिटर लॉगिन (Depositor Login) के विकल्प पर क्लिक करें।
  3. इसके बाद अपने आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर को दर्ज करें और प्राप्त OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।
  4. पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद आपको अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति (Status) और यदि उसमें कोई आपत्ति या कमी है, तो उसकी पूरी जानकारी मिल जाएगी।
  5. जरूरी कागजात: स्टेटस चेक करते या नया प्रोसेस करते समय अपना आधार कार्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जमा राशि की रसीद या डिपॉजिट सर्टिफिकेट (Deposit Certificate) और आवेदन की पावती (Acknowledgement Receipt) अपने पास जरूर रखें।

आधार कार्ड की भूमिका और बैंक खाता लिंकिंग

सहारा रिफंड की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और आधार-बेस्ड है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से लेकर मोबाइल नंबर के जरिए OTP वेरिफिकेशन तक सब कुछ आधार से जुड़ा होता है। इसके अलावा, रिफंड का पैसा सीधे पात्र निवेशक के बैंक खाते में भेजा जाता है, इसलिए आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक और पूरी तरह एक्टिव (चालू) होना अनिवार्य है। यदि आपका आवेदन मंजूर हो चुका है लेकिन बैंक खाते में राशि ट्रांसफर नहीं हुई है, तो तुरंत पोर्टल पर अपनी बैंक डिटेल की जांच करें।

आवेदन में गलती है, तो ऐसे करें री-सबमिशन (सुधार)

यदि आपके आवेदन में कोई त्रुटि पाई गई है या फिर जरूरी दस्तावेज ठीक से अपलोड नहीं हो पाए थे, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए सरकार के विशेष री-सबमिशन पोर्टल https://mocresubmit.crcs.gov.in का उपयोग किया जा सकता है:

  • इस पोर्टल पर जाकर अपनी जरूरी जानकारी के जरिए लॉगिन करें।
  • अपने पुराने आवेदन में बताई गई कमियों (Deficiencies) को ध्यान से देखें।
  • गलत जानकारियों को सुधारें, मांगे गए दस्तावेजों को दोबारा सही फॉर्मेट में अपलोड करें और अपना फॉर्म री-सबमिट कर दें।
  • ध्यान दें: यह पोर्टल केवल पुराने आवेदनों में सुधार के लिए है, नए आवेदन मुख्य CRCS-सहारा पोर्टल पर ही किए जाते हैं।

किन निवेशकों को मिलेगा रिफंड का फायदा?

सरकार की यह रिफंड योजना मुख्य रूप से सहारा समूह की इन चार प्रमुख सहकारी समितियों के निवेशकों के लिए है:

  • सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ
  • सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल
  • हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता
  • स्टार्स मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद

नियमों के अनुसार, वे निवेशक रिफंड का दावा कर सकते हैं जिनकी जमा राशि 31 मार्च 2023 तक मैच्योर (परिपक्व) हो चुकी थी और जिसका भुगतान अभी तक नहीं मिला है। इसके लिए वैध रसीदें और पुख्ता दस्तावेज होने जरूरी हैं।

31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई है समय-सीमा

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पात्र सहारा निवेशकों को रिफंड राशि वितरित करने की समय-सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दिया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह भुगतान की डेडलाइन है, इसलिए निवेशकों को बिना किसी देरी के अपने बचे हुए क्लेम या कमियों को सुधारने का काम जल्द से जल्द पूरा कर लेना चाहिए।

फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी से रहें पूरी तरह सतर्क

चूंकि सहारा रिफंड की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, ऑनलाइन और पेपरलेस है, इसलिए किसी भी बाहरी एजेंट, दलाल या बिचौलिए के चक्कर में न आएं। कोई भी व्यक्ति यदि गारंटी के साथ पैसे निकलवाने का दावा करे, तो उससे सावधान रहें। अपना आधार OTP, बैंक अकाउंट नंबर या पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें। रिफंड से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल केंद्र सरकार के अधिकृत पोर्टल्स का ही उपयोग करें।