erere | Source: rereerकिडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है, लेकिन इसकी सेहत पर अक्सर तब तक ध्यान नहीं जाता, जब तक कोई परेशानी सामने न आ जाए। शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने, अतिरिक्त तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखने और रक्त को फिल्टर करने में किडनी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही वजह है कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना की जीवनशैली और खान-पान पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है।

किडनी शरीर का प्राकृतिक फिल्टर, देखभाल में खान-पान की बड़ी भूमिका

किडनी लगातार काम करते हुए रक्त को फिल्टर करती है और शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालने में मदद करती है। इसके साथ ही यह शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में भी योगदान देती है। ऐसे में संतुलित आहार, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और स्वस्थ जीवनशैली किडनी के सामान्य कार्य को सहारा देने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी खाद्य पदार्थ को खाने से किडनी किसी विशेष अर्थ में अचानक ‘डिटॉक्स’ नहीं हो जाती। शरीर में अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्राकृतिक प्रक्रिया में किडनी पहले से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कुछ खाद्य पदार्थ पर्याप्त पोषण और जलयोजन के माध्यम से इस प्राकृतिक प्रक्रिया को समर्थन दे सकते हैं।

1. क्रेनबेरी, मूत्र मार्ग के लिए माना जाता है उपयोगी

क्रेनबेरी में प्रोएन्थोसायनिडिन नामक प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं। ये मूत्र मार्ग की आंतरिक परत पर कुछ बैक्टीरिया के चिपकने को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से क्रेनबेरी को मूत्र मार्ग के स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है।

मूत्र मार्ग में संक्रमण होने पर उचित उपचार जरूरी है, क्योंकि गंभीर या अनुपचारित संक्रमण किडनी तक भी पहुंच सकता है। क्रेनबेरी को ताजा या बिना अधिक चीनी वाले रूप में आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, इसे किसी संक्रमण का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

2. नींबू पानी, पानी की कमी से बचने में मददगार

किडनी के सामान्य कामकाज के लिए पर्याप्त जलयोजन बेहद महत्वपूर्ण है। इसी कारण पानी को रोजाना पर्याप्त मात्रा में पीना जरूरी है। नींबू पानी भी तरल पदार्थों के सेवन का एक विकल्प हो सकता है।

नींबू में साइट्रेट पाया जाता है, जो कुछ परिस्थितियों में किडनी में बनने वाली पथरी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। पर्याप्त पानी पीने से मूत्र का निर्माण ठीक से होता है और शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को समर्थन मिलता है।

3. चुकंदर, पोषक तत्वों से भरपूर लेकिन सावधानी भी जरूरी

चुकंदर में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और बीटाइन जैसे पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं। इसके पोषक तत्व शरीर के सामान्य स्वास्थ्य और रक्त संचार को समर्थन देने में योगदान कर सकते हैं।

हालांकि, किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए चुकंदर हर स्थिति में उपयुक्त नहीं हो सकता। इसमें प्राकृतिक रूप से पोटैशियम की मात्रा मौजूद होती है। इसलिए जिन लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारी है या जिन्हें डॉक्टर ने पोटैशियम सीमित करने की सलाह दी है, उन्हें चुकंदर का सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

4. सेब, किडनी के साथ पूरे शरीर के लिए उपयोगी फल

सेब को रोजाना के संतुलित आहार में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें फाइबर के साथ कई एंटीऑक्सीडेंट और पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं। सेब में मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन स्वास्थ्य और स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है।

हृदय और चयापचय स्वास्थ्य का किडनी के स्वास्थ्य से भी संबंध है। इसलिए संपूर्ण आहार में सेब जैसे पोषक फल शामिल करना शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है।

5. लहसुन, स्वाद बढ़ाने के साथ पोषण भी देता है

लहसुन भारतीय रसोई का बेहद सामान्य खाद्य पदार्थ है और इसमें सल्फर यौगिक पाए जाते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुणों से जुड़े प्रभाव देखे गए हैं। भोजन में लहसुन का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के साथ संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।

किडनी की सेहत के लिए भोजन तैयार करते समय नमक की मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है। अत्यधिक नमक का सेवन स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं माना जाता। इसलिए लहसुन का इस्तेमाल करते समय उसे अधिक नमक वाले भोजन का विकल्प बनाना बेहतर है।

6. पत्तागोभी, कम पोटैशियम वाली सब्जियों में एक विकल्प

पत्तागोभी में विटामिन सी, विटामिन के, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। अन्य कई सब्जियों की तुलना में इसमें पोटैशियम की मात्रा कम होती है, इसलिए कुछ किडनी-अनुकूल आहार योजनाओं में इसे शामिल किया जा सकता है।

पत्तागोभी को हल्का भाप देकर, सूप के रूप में या कम तेल में पकाकर खाया जा सकता है। इसमें मौजूद पौधों से मिलने वाले यौगिक शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में योगदान कर सकते हैं।

7. तरबूज, पानी से भरपूर फल लेकिन हर किसी के लिए नहीं

तरबूज में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है और इसमें लगभग 90 प्रतिशत तक पानी बताया जाता है। इस वजह से गर्म मौसम में यह शरीर को तरल पदार्थ उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। इसमें लाइकोपीन और विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं।

हालांकि, किडनी की पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को तरबूज का सेवन अपनी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार करना चाहिए। कुछ मरीजों में तरल पदार्थ और पोटैशियम की मात्रा सीमित रखने की जरूरत हो सकती है। इसलिए ऐसे लोगों को अपनी डाइट में बदलाव डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर न रहें

किडनी की सेहत के लिए केवल किसी एक फल, सब्जी या पेय को ‘डिटॉक्स फूड’ मानकर उस पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त जलयोजन, कम नमक वाला भोजन और स्वस्थ जीवनशैली किडनी के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में अधिक महत्वपूर्ण हैं।

अगर किसी व्यक्ति को पहले से किडनी की बीमारी, किडनी स्टोन, बार-बार मूत्र संक्रमण या डॉक्टर द्वारा पोटैशियम अथवा तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी गई है, तो उसे किसी भी खाद्य पदार्थ की मात्रा तय करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। किडनी की बीमारी में एक व्यक्ति के लिए फायदेमंद खाद्य पदार्थ दूसरे व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं भी हो सकता है।