Source : Zee news

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नालंदा जिले के राजगीर में कथित मॉब लिंचिंग की घटना ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। 15 जून को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। वीडियो में चोरी के आरोप में पकड़े गए दो युवकों की भीड़ द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद कानून-व्यवस्था और भीड़तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है।

चोरी के आरोप में पकड़े गए थे दोनों युवक

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान पिंटू पासवान (24) और श्रवण पासवान (18) के रूप में हुई है। दोनों दीपनगर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राजगीर स्थित एक मंदिर परिसर में चोरी की आशंका के बाद कुछ लोगों ने चार युवकों को घेरने की कोशिश की थी। इनमें से दो युवक मौके से भागने में सफल रहे, जबकि पिंटू और श्रवण को भीड़ ने पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद दोनों के साथ बुरी तरह मारपीट की गई। घटना के दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किलें

घटना के कुछ दिन बाद जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। वीडियो में कुछ लोग युवकों को घेरकर उनकी पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने SIT का गठन किया और जांच का दायरा बढ़ाया। पुलिस वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने के साथ-साथ घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिख रहे प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

परिजनों के आरोपों से जांच हुई और संवेदनशील

मृतकों के परिजनों ने पुलिस की शुरुआती जांच और घटनाक्रम पर कई सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि दोनों युवकों की सिर्फ पिटाई नहीं की गई, बल्कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। परिजनों का कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और मामले को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। SIT सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए घटना के कारणों, भीड़ की भूमिका और वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला केवल चोरी के आरोप में हुई भीड़ हिंसा का था या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी मौजूद थी।