नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ मारपीट के मामले में आरोपी हिंदूवादी कार्यकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। खास बात यह रही कि आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने का घेराव किया गया था और पुलिस ने 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को यूपी से पकड़ लिया।
वायरल इंटरव्यू ने फिर खोल दिया पुराना मामला
मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP के धरना-प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि उस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी। स्वतंत्र भारद्वाज का एक इंटरव्यू सामने आने और उसके वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया। वीडियो में भारद्वाज ने संजय कुमार के साथ मारपीट करने का दावा किया था और घटना के बाद खुद के जेल नहीं जाने की बात भी कही थी।
इस वीडियो के सामने आने के बाद CJP समर्थकों और दलित कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर आरोपी के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और शुक्रवार सुबह संसद मार्ग थाने का घेराव किया।
संसद मार्ग थाने के बाहर बढ़ा दबाव
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन देते हुए आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की बात कही। इसके साथ ही पुलिस ने दर्ज मामले में पॉक्सो एक्ट, हत्या की कोशिश की धारा और SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ने की बात भी कही।
72 घंटे का आश्वासन, लेकिन कुछ घंटों में ही हिरासत
पुलिस के आश्वासन के बाद स्वतंत्र भारद्वाज की तलाश तेज कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमें लगाईं। पुलिस की कार्रवाई उत्तर प्रदेश तक पहुंची और टीमों ने उसकी तलाश शुरू की।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम जब आरोपी को पकड़ने के लिए नैथला गांव पहुंची तो वह वहां से पहले ही निकल चुका था। बताया गया कि स्वतंत्र भारद्वाज बुलेट मोटरसाइकिल से खुर्जा की ओर भाग निकला था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है।
पुलिस ने पहले क्या कहा था?
स्वतंत्र भारद्वाज के इंटरव्यू का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। पुलिस के मुताबिक, 38 वर्षीय संजय कुमार को हाथापाई के दौरान सिर में साधारण चोट लगी थी।
पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के उस दावे को खारिज किया था, जिसमें उसने संजय कुमार की खोपड़ी की हड्डी टूटने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई थी।
घटनास्थल से ही हिरासत में लिए गए थे आरोपी
दिल्ली पुलिस ने अपनी सफाई में यह भी बताया था कि स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य आरोपी सूरज कुमार को घटनास्थल से ही हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार दोनों से पूछताछ की गई थी और इसके बाद उन्हें नोटिस दिया गया था। पुलिस ने यह भी कहा था कि मामले में जल्द आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा।
हालांकि, स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद फिर तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि घटना के बाद आरोपी के खिलाफ अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं की गई।
बयान के बाद बढ़ा विवाद, अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
पूरे घटनाक्रम में स्वतंत्र भारद्वाज का वायरल इंटरव्यू अहम कड़ी बनकर सामने आया। जिस घटना को लेकर पहले से विवाद था, उसी से संबंधित उसके कथित बयान के सार्वजनिक होने के बाद CJP समर्थकों और अन्य प्रदर्शनकारियों का आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद संसद मार्ग थाने का घेराव हुआ और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
पुलिस के 72 घंटे के आश्वासन के कुछ ही समय बाद आरोपी को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिए जाने से मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पुलिस की आगे की कार्रवाई और मामले में जोड़ी जाने वाली धाराओं को लेकर घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।
