Source: Jagran

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मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा प्रखंड में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हत्था थाना क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय मुन्नी मुसहर के परिसर में लगे सबमर्सिबल पंप में उतरे करंट की चपेट में आने से तीन से चार वर्षीय मासूम विराज कुमार की मौत हो गई। विराज अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में मातम का माहौल है।

खेलते-खेलते स्कूल पहुंचा, सबमर्सिबल पंप बना मौत का कारण

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब आठ बजे विराज कुमार अपने घर के आसपास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास स्थित विद्यालय परिसर में पहुंच गया। इसी दौरान स्कूल में लगे सबमर्सिबल पंप के संपर्क में आने से उसे जोरदार करंट लग गया। करंट की चपेट में आने से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही अचेत हो गया।

घटना के बाद वहां मौजूद ग्रामीणों और शिक्षकों ने तत्काल बच्चे को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बंदरा पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक विराज कुमार के पिता रमई मांझी मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। परिवार बेहद साधारण आर्थिक स्थिति में जीवन यापन करता है। बताया जा रहा है कि उनका घर विद्यालय की दीवार से सटा हुआ है, जिसके कारण बच्चा अक्सर स्कूल परिसर के आसपास खेलता था।

इकलौते बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां का विलाप सुनकर गांव के लोग भी भावुक हो उठे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और लोगों की भीड़ अस्पताल तथा विद्यालय परिसर में जुट गई।

विद्युत सुरक्षा पर उठे सवाल, जांच और कार्रवाई की मांग

हादसे के बाद ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि सबमर्सिबल पंप में करंट उतर रहा था तो इसकी समय रहते जांच और मरम्मत की जानी चाहिए थी। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। प्रशासनिक स्तर पर भी हादसे के कारणों की जांच की बात कही जा रही है।

स्कूल परिसर में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर स्कूलों में विद्युत सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में लगे विद्युत उपकरणों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। मासूम विराज की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी है।