New delhi. भारतीय सेना में सेवा देने का सपना देख रहे युवाओं के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद हैरान करने वाला और बड़ा फैसला लिया है। अब तक जिस अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं के मन में भविष्य को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं, उसे लेकर एक ऐसा अपडेट सामने आया है जिसे पढ़कर हर कोई दंग रह जाएगा। सरकार के इस नए प्लान के तहत अब अग्निवीरों के पास सिर्फ चार साल नहीं, बल्कि पूरे छह साल तक देश की सेवा करने और परमानेंट फौजी बनने का शानदार मौका होगा। आइए जानते हैं इस बड़े बदलाव के अंदर की पूरी और चौंकाने वाली सच्चाई।
अग्निपथ योजना में ऐसा क्या हुआ बदलाव कि सब रह गए हैरान?
शुरुआत में जब साल 2022 में अग्निपथ योजना लाई गई थी, तो यह नियम था कि युवाओं को सिर्फ 4 साल के लिए सेना में भर्ती किया जाएगा। इन चार वर्षों के बाद सिर्फ 25 प्रतिशत सैनिकों को ही मेरिट के आधार पर आगे रखा जाता था, जबकि बाकी 75 प्रतिशत युवाओं को सेवामुक्त होना पड़ता था। इस नियम को लेकर देश भर के युवाओं में काफी चर्चा और बहस छिड़ी हुई थी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस नियम में एक ऐसा जादुई और राहत भरा बदलाव कर दिया है, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।
क्या अब 4 साल के बजाय 6 साल तक मिलेगी नौकरी?
रक्षा सूत्रों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने यह तय किया है कि जो 75 प्रतिशत अग्निवीर पहले चार साल के बाद घर लौटने वाले थे, उन्हें अब सीधे दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार (सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी) दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब कोई भी अग्निवीर चार साल में सेवा से बाहर नहीं होगा, बल्कि वह कुल छह साल तक सेना का हिस्सा बना रहेगा। छह साल का यह कार्यकाल पूरा होने के बाद, निर्धारित चयन मानदंडों और योग्यताओं को पूरा करने वाले इन युवाओं को भी नियमित (परमानेंट) सैनिक बनने का पूरा मौका मिलेगा।
परमानेंट होने वाले सैनिकों की वरिष्ठता को लेकर क्या है नया नियम?
इस पूरे बदलाव के बीच सेना ने वरिष्ठता (Seniority) को लेकर भी स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया है कि जो 25 प्रतिशत अग्निवीर अपने शुरुआती चार साल पूरे होने पर मेरिट के आधार पर पहले ही नियमित हो जाएंगे, उनकी वरिष्ठता और सीनियरटी हमेशा उन सैनिकों से अधिक रहेगी जो छह साल यानी दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित बलों में शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अतिरिक्त दो साल के कार्यकाल को 'सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी' का नाम दिया है और इस ऐतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।
क्या पूरी तरह बंद होने जा रही है अग्निपथ योजना?
कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस नए बदलाव के बाद अग्निपथ योजना को बंद कर दिया गया है? तो आपको बता दें कि सरकार ने साफ कर दिया है कि अग्निपथ योजना बंद नहीं होगी, बल्कि यह और अधिक सुधारों के साथ जारी रहेगी। साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं के लिए लाई गई इस योजना के मूल ढांचे में पहले वाला 25 प्रतिशत नियमित भर्ती का नियम भी बरकरार रहेगा, साथ ही बाकी 75 प्रतिशत युवाओं के लिए परमानेंट होने के रास्ते खोल दिए गए हैं। यह फैसला उन लाखों युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है जो सेना में अपना स्थायी भविष्य बनाना चाहते हैं।
