
पहले वीडियो में आरोपियों के हाथ में बंधी है पट्टी और सही से नहीं चल पा रहे, दूसरे में उसे खुद ही खोलते दिखे.
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में घिर गई है। हीरा नगर थाना क्षेत्र में गिरफ्तार दो आरोपियों का हाथों में पट्टियां और प्लास्टर बांधकर निकाले गए जुलूस का मामला अब जांच के दायरे में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए दूसरे वीडियो में दोनों आरोपी खुद ही अपने हाथों से पट्टियां और प्लास्टर उतारते दिखाई दिए, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
वायरल वीडियो ने खोली ‘प्लास्टर ड्रामे’ की पोल
पूरा मामला हीरा नगर थाना क्षेत्र का है, जहां तोड़फोड़ के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की ओर से दावा किया गया कि आरोपियों को भागने के दौरान चोट लगी थी, इसलिए उनके हाथों में पट्टियां और प्लास्टर चढ़ाया गया था। जुलूस के दौरान दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के सहारे चलते हुए भी दिखाई दिए।हालांकि, कुछ ही देर बाद सामने आए दूसरे वीडियो में दोनों आरोपी खुद अपने हाथों से पट्टियां और प्लास्टर निकालकर फेंकते नजर आए। वीडियो वायरल होते ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे और पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
रिश्वत के आरोप भी लगे, विभागीय जांच शुरू
वायरल वीडियो के बाद पुलिस पर आरोपियों से 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
डीसीपी ने दिए जांच के आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद इंदौर के डीसीपी अभिषेक रंजन ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए एडिशनल डीसीपी ओम प्रकाश को जांच सौंपी है। जांच के दायरे में संबंधित थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल किए गए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

