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शिवसेना (UBT) के 60वें स्थापना दिवस का कार्यक्रम इस बार सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पार्टी की मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों और भविष्य की रणनीति का मंच भी बन गया। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के कुछ सांसदों के बगावती रुख, संगठन में असंतोष और कांग्रेस में संभावित विलय जैसी चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने बीजेपी पर विपक्षी दलों को कमजोर करने का आरोप लगाया, पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को निशाने पर लिया और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगर शिवसैनिकों को कभी लगे कि कोई दूसरा व्यक्ति पार्टी का नेतृत्व बेहतर ढंग से कर सकता है, तो वह शिवसेना प्रमुख का पद छोड़ने में भी संकोच नहीं करेंगे। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों का भी ध्यान खींच लिया।

'ऑपरेशन लोटस' पर हमला, बाला साहेब के बयान का किया जिक्र

स्थापना दिवस समारोह में उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें किसी आदेश का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बाला साहेब ठाकरे बहुत पहले ही अपना संदेश दे चुके हैं। उनका इशारा बाला साहेब के उस पुराने भाषण की तरफ था, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें उन्होंने 'गद्दारों' के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद उद्धव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इसी तरह 'ऑपरेशन लोटस' चलता रहा तो शिवसेना को भी 'ऑपरेशन कमल' शुरू करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और विपक्षी नेताओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

इस्तीफा देने की बात क्यों कही?

अपने भाषण के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह पद से चिपके रहने वालों में से नहीं हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर शिवसैनिकों को लगता है कि कोई दूसरा नेता पार्टी को बेहतर तरीके से चला सकता है तो वह शिवसेना प्रमुख का पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि संघर्ष से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। उद्धव के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं ने 'उद्धव तुम आगे बढ़ो' के नारे लगाए। माना जा रहा है कि हाल में पार्टी के कुछ सांसदों की नाराजगी और बगावती बयानों के बीच उद्धव ने यह संदेश देकर संगठन में अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।

कांग्रेस पर क्या बोले और बागियों को क्या संदेश दिया?

उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में कांग्रेस को लेकर भी ऐसा बयान दिया, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ उनके राजनीतिक मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ने कभी शिवसेना या मातोश्री का अपमान नहीं किया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि बीजेपी की तुलना में कांग्रेस बेहतर रही है। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने शिवसेना (UBT) के कांग्रेस में विलय की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उद्धव ने कहा कि शिवसेना किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने के लिए नहीं बनी थी। वहीं पार्टी छोड़कर गए सांसदों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिन नेताओं को उन्होंने मेहनत करके जिताया, अब उनसे सवाल पूछने का भी अधिकार उन्हीं के पास है। उद्धव ने बागी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ही तय करेगी कि विश्वासघात के इस आरोप से वे खुद को कैसे मुक्त करेंगे।