
MANUU के ‘Meet the Creator’ कार्यक्रम में प्रो. मुहम्मद जाहिद-उल-हक संबोधित करते हुए।Source : Kalamlok
मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के सांस्कृतिक गतिविधियों केंद्र की ओर से ‘Meet the Creator’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी के निदेशक प्रो. मुहम्मद जाहिद-उल-हक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने MANUU को उर्दू भाषा और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र बताया और विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना की।
MANUU को बताया उर्दू भाषा और संस्कृति का केंद्र
प्रो. मुहम्मद जाहिद-उल-हक ने कहा कि MANUU उर्दू भाषा और संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय आना हमेशा अच्छा लगता है। उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों और अन्य लोगों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सभी की मेहनत और समर्पण से विश्वविद्यालय ने तेजी से विकास किया है।
खुदा बख्श लाइब्रेरी के इतिहास और महत्व की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रो. जाहिद-उल-हक ने खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी के इतिहास, महत्व और वहां मौजूद दुर्लभ पुस्तकों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में कई ऐसी ऐतिहासिक पुस्तकें मौजूद हैं, जिन्हें राष्ट्रीय महत्व की धरोहर माना जाता है।उन्होंने तैमूरिया परिवार के इतिहास से जुड़ी पुस्तक, दीवान-ए-हाफिज, अल-हशाश और अल-तस्फीर जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन पुस्तकों का इतिहास, साहित्य, विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष महत्व है।
प्रो. जाहिद-उल-हक के नेतृत्व पर जताया भरोसा
कार्यक्रम में MANUU के पूर्व DSW (Dean, Students’ Welfare) प्रो. अलीम अशरफ जायसी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने प्रो. मुहम्मद जाहिद-उल-हक को खुदा बख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी का निदेशक बनाए जाने पर खुशी जाहिर की।प्रो. अलीम अशरफ जायसी ने कहा कि खुदा बख्श लाइब्रेरी ओरिएंटल स्टडीज के लिए दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रो. जाहिद-उल-हक के नेतृत्व में लाइब्रेरी आगे भी नई उपलब्धियां हासिल करेगी।
कार्यक्रम में इन लोगों की रही अहम भूमिका
कार्यक्रम की शुरुआत में विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक समन्वयक और ड्रामा क्लब के अध्यक्ष डॉ. मिराज अहमद ने सांस्कृतिक गतिविधियों केंद्र की ओर से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और उसकी गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय दिया।इसके बाद प्रो. फिरोज आलम, अध्यक्ष, यूनिवर्सिटी कल्चरल क्लब और डिप्टी डीन छात्र कल्याण विभाग, ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। उन्होंने प्रो. मुहम्मद जाहिद-उल-हक की शैक्षणिक और प्रशासनिक उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी दी।डॉ. मुहम्मद इम्तियाज आलम, मेंटर, यूनिवर्सिटी लिटरेरी क्लब ने मुख्य अतिथि का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। वहीं डॉ. तल्हा फरहान, मेंटर, यूनिवर्सिटी लिटरेरी क्लब ने कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी संभाली।कार्यक्रम का समापन सानिया खातून, सेक्रेटरी, लिटरेरी क्लब के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।
