डोनाल्ड ट्रंप जॉर्जिया मेलोनी के साथ | Source: Web Photo

डोनाल्ड ट्रंप जॉर्जिया मेलोनी के साथSource : Web Photo

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने चौंकाने वाले फैसलों के साथ-साथ मजाकिया अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। कई बार उनके बयान दुनिया भर के नेताओं को भी हैरान कर देते हैं। G7 समिट के दौरान भी उनका ऐसा ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से कहा, आपने तो मुझे छोड़ ही दिया है। इस पर अपनी हाजिरजवाबी के लिए मशहूर मेलोनी ने जवाब दिया, ऐसा बिल्कुल नहीं है, हम लोग हमेशा से दोस्त रहे हैं। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने मेलोनी से कहा, आपने मुझे छोड़ दिया है। इस पर मेलोनी ने जवाब दिया, यह सच नहीं है, हम हमेशा से दोस्त रहे हैं।दरअसल, पिछले कुछ महीनों में इटली और अमेरिका के रिश्तों में थोड़ा तनाव देखने को मिला था, लेकिन G7 के मंच पर दोनों नेताओं की बातचीत से हालात बदलते नजर आए।

मेलोनी से मजाक, नेताओं के बीच खुद को बताया बॉस

यही नहीं, G7 देशों की बैठक में पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में सभी नेताओं से कहा कि मैं बॉस हूं। G7 समिट में मुख्य तौर पर फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, इटली और कनाडा शामिल हैं। इसके अलावा भारत भी इस समिट में हिस्सा लेता रहा है। भारत इस समूह का आधिकारिक सदस्य नहीं है, लेकिन पिछले कई वर्षों से वह G7 समिट में विशेष आमंत्रित देश के तौर पर लगातार शामिल होता रहा है। बता दें कि ईरान के साथ अमेरिका की संभावित डील भी इसी सप्ताह होने वाली है। ऐसे में यह समिट काफी अहम माना जा रहा है और पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी हुई है। इस समूह का चीन भी हिस्सा नहीं है। ऐसे में G7 को चीन के लिए भी एक चुनौती के तौर पर देखा जाता रहा है, जबकि भारत आमंत्रित सदस्य के तौर पर इसमें नियमित रूप से शामिल होता रहा है।

यूक्रेन पर G7 की एकजुटता, ईरान डील पर भी हुई चर्चा

रूस भी इस समूह का हिस्सा नहीं है। आमतौर पर इस समूह में वही देश शामिल हैं, जो अमेरिका के साथ नाटो में भी शामिल हैं। ऐसे में रूस इसे भी अपने लिए चुनौती के तौर पर देखता है। इस समिट में जिस तरह से यूक्रेन के एजेंडे पर चर्चा हुई, उससे भी साफ हो गया कि आने वाले दिनों में यह समूह किस दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। बैठक के दौरान सभी देशों ने एक स्वर में यूक्रेन की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करने की बात कही।

यही नहीं, कई देशों ने साफ कहा कि वे यूक्रेन को सैन्य सहायता जारी रखेंगे और इसके लिए रक्षा उत्पादन भी बढ़ाया जाएगा। यूक्रेन के मुद्दे को लेकर अधिकांश यूरोपीय देशों और रूस के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है। ऐसे में G7 समिट के दौरान हुए इस ऐलान ने रूस की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित डील पर भी चर्चा हुई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाला समझौता ‘गेमचेंजर’ साबित होगा। उनका कहना था कि इससे सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में शांति स्थापित होने की उम्मीद बढ़ेगी।