चेन्नई। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही बड़े मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी का ऐसा प्रभाव छोड़ा है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 15 वर्षीय सूर्यवंशी दबाव वाले मुकाबलों में भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। रविवार को दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से साउथ जोन के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी की चमक दिखाई।
अर्धशतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए वैभव
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में वैभव सूर्यवंशी ने 37 गेंदों का सामना किया और 44 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और एक छक्का शामिल रहा। वह अर्धशतक से महज छह रन दूर रह गए। 15वें ओवर में चामा वी मिलिंद ने उनकी पारी का अंत किया।
वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर ईस्ट जोन को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी की। अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाए और 25वें ओवर में रनआउट होकर पवेलियन लौटे।
नॉकआउट मुकाबलों में लगातार चल रहा है वैभव का बल्ला
वैभव सूर्यवंशी के लिए साल 2026 नॉकआउट मुकाबलों में बेहद प्रभावशाली रहा है। मौजूदा वर्ष में उन्होंने नॉकआउट मैचों में आठवीं बार 40 या उससे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वह अब तक आठ नॉकआउट पारियों में 706 रन बना चुके हैं। इस दौरान उनके नाम एक शतक और पांच 50 से ज्यादा रन वाली पारियां दर्ज हैं।
यह आंकड़ा बताता है कि वैभव बड़े और दबाव वाले मुकाबलों में किस तरह अपनी बल्लेबाजी का स्तर ऊंचा करने में सफल रहे हैं। खास बात यह है कि उनकी कई बड़ी पारियां अलग-अलग प्रतियोगिताओं के नॉकआउट चरण में आई हैं।
अंडर-19 विश्व कप में सेमीफाइनल से शुरू हुआ शानदार सफर
साल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का नॉकआउट अभियान अंडर-19 विश्व कप से शुरू हुआ था। अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने महज 33 गेंदों पर 68 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
इसके बाद फाइनल में वैभव ने इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी की। उन्होंने 80 गेंदों पर 175 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। भारत ने इस मुकाबले में 411/9 का विशाल स्कोर बनाया और 100 रन से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।
आईपीएल 2026 के नॉकआउट में भी शतक से चूके
वैभव का शानदार प्रदर्शन आईपीएल 2026 के नॉकआउट मुकाबलों में भी देखने को मिला। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ महज 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस पारी में वह शतक के बेहद करीब पहुंचकर आउट हुए।
इसके बाद क्वालीफायर-2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ भी वैभव ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने 47 गेंदों पर 96 रन बनाए। राजस्थान रॉयल्स ने इस मुकाबले में 214/6 का स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद टीम को गुजरात टाइटंस के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में भी मचाया धमाल
वैभव सूर्यवंशी का बल्ला श्रीलंका ए के खिलाफ वनडे टाई सीरीज के फाइनल में भी खूब चला। उन्होंने महज 20 गेंदों पर 94 रन की आतिशी पारी खेली। इस पारी के जरिए उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि तेज रन बनाने की उनकी क्षमता नॉकआउट और निर्णायक मुकाबलों में भी बरकरार रहती है।
लगातार अलग-अलग प्रतियोगिताओं में बड़ी पारियां खेलने के कारण 2026 में नॉकआउट मुकाबलों में वैभव के प्रदर्शन पर खास नजर बनी हुई है।
दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में भी रहे शानदार
दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। सेंट्रल जोन के खिलाफ उन्होंने पहली पारी में 92 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में उनके बल्ले से 40 रन निकले।
इसी प्रतियोगिता में उन्होंने एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वैभव दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने लक्ष्मण सिंह का 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।
फाइनल में फिर दिखा बड़े मैच का खिलाड़ी वाला अंदाज
दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव भले ही अर्धशतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन 37 गेंदों पर 44 रन की उनकी पारी ने यह जरूर दिखाया कि वह बड़े मुकाबलों में तेजी से रन बनाने का अपना अंदाज बरकरार रखे हुए हैं। पांच चौकों और एक छक्के से सजी उनकी पारी ने ईस्ट जोन को शुरुआती मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।
साल 2026 में नॉकआउट मुकाबलों में आठ बार 40 से अधिक रन बनाना वैभव सूर्यवंशी के लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन को दर्शाता है। अंडर-19 विश्व कप से लेकर आईपीएल और अब दलीप ट्रॉफी तक उनके बल्ले से निकली बड़ी पारियों ने इस युवा बल्लेबाज को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा है।
