ere | Source: ereनई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को तीसरे नंबर पर उतारने का फैसला चर्चा का विषय बन गया है। 15 वर्षीय वैभव इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और आठ गेंदों पर सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए। उनके प्रदर्शन से ज्यादा सवाल उनकी बल्लेबाजी की पोजिशन को लेकर उठ रहे हैं। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टीम प्रबंधन के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वैभव को ऐसी भूमिका में उतारा गया, जिसमें वह सहज नजर नहीं आए।

आठ गेंदों में चार रन, अश्विन ने बताया गलत बल्लेबाजी क्रम

क्राइस्टचर्च में मुकाबला समाप्त होने के बाद प्रसारक से बातचीत के दौरान अश्विन से वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया मांगी गई। उन्होंने युवा बल्लेबाज की पारी को अपने आकलन में ‘मिस’ करार दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इतनी कम उम्र के खिलाड़ी के लिए केवल एक पारी के आधार पर कठोर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

अश्विन के मुताबिक, वैभव को तीसरे नंबर पर भेजना उनके लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला फैसला रहा। वह लगातार रन बनाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन गेंद को सही तरीके से टाइम नहीं कर सके। अश्विन का मानना है कि किसी युवा खिलाड़ी को उसकी परिचित भूमिका से हटाकर नई जिम्मेदारी देने के दौरान टीम प्रबंधन को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

‘उसे शांत रहने की सलाह देने वाला सीनियर बल्लेबाज चाहिए था’

अश्विन ने कहा कि वैभव जैसे युवा बल्लेबाज को उस समय एक अनुभवी साथी की जरूरत थी, जो उन्हें दबाव से बाहर निकलने और अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी करने की सलाह देता। उनके अनुसार, ऐसे मौके पर बल्लेबाज को धैर्य रखने, गेंद को ध्यान से देखने और अपने शरीर के करीब खेलते हुए सही टाइमिंग हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई भूमिका निभाते समय युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देना टीम के वरिष्ठ बल्लेबाजों की अहम जिम्मेदारी होती है। वैभव की पारी में वह सहजता नजर नहीं आई, जो आमतौर पर उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की पहचान रही है।

संजू सैमसन को तीसरे नंबर पर उतारने की सलाह

अश्विन ने टीम प्रबंधन के सामने बल्लेबाजी क्रम का एक विकल्प भी रखा। उनका मानना है कि यदि वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन तीनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में खिलाना है, तो संजू को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जा सकता है।

अश्विन ने एशियन गेम्स के दौरान खेले गए संयोजन का हवाला देते हुए कहा कि उस समय संजू तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर चुके हैं। ऐसे में वैभव को उनके स्वाभाविक ओपनिंग क्रम में खिलाने का विकल्प टीम के लिए उपयोगी हो सकता है।

गंभीर और अय्यर की रणनीति पर क्यों उठे सवाल?

भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम को लेकर बहस इसलिए भी तेज हुई है, क्योंकि वैभव सूर्यवंशी अपने छोटे टी20 करियर में मुख्य रूप से सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाते आए हैं। टीम संयोजन में बदलाव और ईशान किशन के चोटिल होने के बाद उन्हें मौका मिला, लेकिन तीसरे नंबर पर भेजे जाने से उनकी भूमिका बदल गई।

टीम प्रबंधन की रणनीति पर सवाल उठाते हुए अश्विन ने संकेत दिया कि खिलाड़ियों को एकादश में शामिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी बल्लेबाजी की अनुकूल स्थिति तय करना भी जरूरी है। हालांकि, एक पारी के आधार पर किसी खिलाड़ी की क्षमता या टीम की पूरी रणनीति पर अंतिम फैसला देना उचित नहीं होगा।

एक खराब पारी से वैभव की क्षमता पर फैसला नहीं

वैभव सूर्यवंशी को युवा क्रिकेटरों में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। ऐसे में तीसरे नंबर पर मिली असफलता को उनके भविष्य का पैमाना नहीं माना जा सकता। अश्विन की टिप्पणी का मुख्य केंद्र भी उनकी प्रतिभा के बजाय बल्लेबाजी क्रम और टीम प्रबंधन की रणनीति रही।

अब देखना होगा कि आगामी मुकाबलों में भारतीय टीम वैभव को ओपनिंग की जिम्मेदारी देती है या बल्लेबाजी क्रम में कोई और बदलाव करती है। फिलहाल, इस फैसले ने टीम संयोजन और युवा खिलाड़ियों को उनकी स्वाभाविक भूमिका में खिलाने की जरूरत पर नई बहस छेड़ दी है।