गुवाहाटी / नई दिल्ली । देश की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम को असम पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह सनसनीखेज घटनाक्रम तब सामने आया जब रांका और उनकी टीम कथित तौर पर असम में स्कूलों की जमीनी हकीकत देखने और वॉलंटियर्स के साथ एक बैठक करने पहुंचे थे। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में घमासान मच गया है। आइए जानते हैं इस पूरे विवाद के भीतर की हर बड़ी बात।
असम पुलिस ने लिया हिरासत में, अज्ञात जगह ले जाने का आरोप
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी पूरी टीम को असम में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की पुष्टि खुद पार्टी नेताओं ने की है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि असम पुलिस ने रांका और CJP की टीम को हिरासत में ले लिया है और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा है।
दीपके का कहना है कि रांका और उनके वॉलंटियर्स वहां केवल एक छोटी सी बैठक करने और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने गए थे, लेकिन प्रशासन ने उनके रास्ते में कड़े प्रतिबंध लगा दिए।
"हिमंत सरमा डरे हुए हैं": आशुतोष रांका का तीखा हमला
हिरासत में लिए जाने के बाद आशुतोष रांका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा, "हिमंत बिस्वा सरमा इस बात से डरे हुए हैं कि अगर हम असम के स्कूलों की असलियत देश के सामने ले आएंगे, तो उनकी पोल खुल जाएगी।"
रांका ने आरोप लगाया कि काजीरंगा क्षेत्र में स्थानीय लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और वहां की जमीन, जंगल तथा पानी को कॉरपोरेट्स के हवाले किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विवाद को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
बैरिकेडिंग और आंसू गैस के साथ पुलिस बल तैनात
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "जब-जब हिमंत सरमा डरता है, पुलिस को आगे करता है।" उन्होंने दावा किया कि जिस जगह पर उनकी मीटिंग तय थी, वहां जाने वाली पूरी सड़क को दोनों तरफ से भारी बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि असम पुलिस आंसू गैस के साथ पूरी तरह मुस्तैद थी और उनके वॉलंटियर्स को जबरन हिरासत में लिया जा रहा है ताकि कोई भी तयशुदा जगह तक न पहुंच सके।
2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन का बड़ा ऐलान
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी ने पहले ही एक बड़े आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाता सूचियों के विवाद को लेकर इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पार्टी आगामी 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन मुंबई से एक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करेगी। इस ताजा गिरफ्तारी के बाद असम से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा बेहद हाई हो गया है।
