ere | Source: ereनई दिल्ली। दशहरे की छुट्टियों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने दो नेताओं को जेल से बाहर निकालने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी के सह संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की जमानत के लिए याचिका दायर की गई है। पार्टी ने अदालत से मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 की रात ही मामले की तत्काल सुनवाई करने की मांग की है। दोनों नेता 13 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनकी रिहाई के लिए पार्टी की ओर से उठाए गए इस कदम ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

दशहरे की छुट्टियों के बीच हाई कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग

CJP ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब दशहरे के कारण अदालतों में छुट्टियां चल रही हैं। पार्टी की ओर से मांग की गई है कि मामले को सामान्य सुनवाई की तारीख तक टालने के बजाय तत्काल सुना जाए। सौरभ दास और आशुतोष रांका की जमानत को लेकर दायर याचिका में मंगलवार रात ही सुनवाई की मांग किए जाने की जानकारी पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दी। पार्टी का कहना है कि उसके दोनों नेताओं को जेल में रखने से उनकी स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। इसी आधार पर CJP ने अदालत से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, याचिका पर सुनवाई होने या जमानत मंजूर किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

13 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं सौरभ दास और आशुतोष रांका

कॉकरोच जनता पार्टी के सह संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अवैध तरीके से दाखिल होने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से दोनों तिहाड़ जेल में बंद हैं। अब पार्टी ने उनकी जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कानूनी राहत पाने की कोशिश की है। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी और उसके बाद जेल में रहने की अवधि को देखते हुए पार्टी जल्द सुनवाई चाहती है। CJP की ओर से यह मांग ऐसे समय की गई है, जब त्योहार की छुट्टियों के कारण अदालतों का नियमित कामकाज प्रभावित है। पार्टी का प्रयास है कि मामले को जल्द अदालत के सामने रखा जाए और दोनों नेताओं की जमानत पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

रत्ना सिंह का बयान—‘न्याय को इंतजार नहीं करना चाहिए’

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करने और तत्काल सुनवाई की मांग की जानकारी साझा की। उन्होंने अपने बयान में कहा, “हम दिल्ली हाई कोर्ट गए हैं और रात में ही त्वरित सुनवाई की मांग की है। सौरभ और आशुतोष को एक मिनट भी सलाखों के पीछे नहीं रहना चाहिए। राजनीतिक खेलों की वजह से उनकी आजादी सीमित नहीं करनी चाहिए। न्याय को इंतजार नहीं करना चाहिए।” रत्ना सिंह के इस बयान में पार्टी की ओर से दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग को स्पष्ट रूप से सामने रखा गया है। CJP का कहना है कि उसके नेताओं की स्वतंत्रता का सवाल महत्वपूर्ण है और इस पर जल्द न्यायिक विचार होना चाहिए। पार्टी ने इसी उद्देश्य से अदालत में याचिका दायर कर रात में सुनवाई की मांग की है।

क्या दशहरे की छुट्टी में रात को भी हो सकती है सुनवाई?

असाधारण परिस्थितियों में तत्काल राहत की मांग वाले मामलों पर अदालतों में अवकाश के दौरान भी सुनवाई की व्यवस्था हो सकती है। हालांकि, किसी विशेष मामले में सुनवाई होगी या नहीं, यह संबंधित अदालत के निर्णय और उपलब्ध न्यायिक व्यवस्था पर निर्भर करता है। CJP ने इसी संदर्भ में मंगलवार रात तत्काल सुनवाई की मांग की है। फिलहाल, इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि दिल्ली हाई कोर्ट याचिका पर कब सुनवाई करता है और सौरभ दास तथा आशुतोष रांका को जमानत के संबंध में क्या राहत मिलती है। याचिका दायर होना अपने आप में जमानत मिलने या तत्काल रिहाई का संकेत नहीं है। इसके लिए अदालत का आदेश आवश्यक होगा।

अब दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने दोनों सह संयोजकों की जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है। 13 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद सौरभ दास और आशुतोष रांका के मामले में पार्टी ने दशहरे की छुट्टियों के बीच भी तत्काल सुनवाई की मांग उठाई है। लीगल हेड रत्ना सिंह ने स्पष्ट किया है कि पार्टी दोनों नेताओं को जल्द राहत दिलाना चाहती है। अब इस मामले में आगे की स्थिति दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई और उसके आदेश पर निर्भर करेगी। अदालत की ओर से सुनवाई या जमानत के संबंध में कोई निर्णय सामने आने पर ही दोनों नेताओं की रिहाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।