नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय पटल पर चर्चित नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। अभी उन्हें जेल की चारदीवारी से बाहर आए कुछ ही घंटे बीते थे कि कानून का शिकंजा उन पर फिर से कस गया है। दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई यानी क्राइम ब्रांच ने दोनों नेताओं को तलब कर लिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैल गई है।
तिहाड़ जेल के गेट पर मिला सरप्राइज समन
बुधवार की शाम स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत से इन दोनों नेताओं को बड़ी राहत मिली थी। कोर्ट ने पुलिस की कस्टडी की मांग को खारिज करते हुए उनकी जमानत मंजूर कर ली थी। लेकिन जैसे ही सौरभ दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल के गेट से बाहर कदम रख रहे थे, वहां पहले से मौजूद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने उन्हें चौंकाने वाला झटका दिया। जेल के गेट पर ही दोनों को नया समन थमा दिया गया, जिससे उनकी रिहाई की खुशी पल भर में काफूर हो गई।
राजौरी गार्डन दफ्तर में होगी आमने-सामने की पूछताछ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने दोनों नेताओं को आज दोपहर 12 बजे अपने राजौरी गार्डन स्थित कार्यालय में पेश होने का सख्त निर्देश दिया है। मामले की गंभीरता को भांपते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने इस पूरे प्रकरण की कमान क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। पुलिस का मानना है कि जंतर-मंतर पर किए गए उस तथाकथित विरोध प्रदर्शन के पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है, जिसका खुलासा केवल कड़ाई से पूछताछ के बाद ही संभव है।
क्या है पूरा विवाद और पीस बॉन्ड का मामला?
- यह पूरा घटनाक्रम 13 और 14 अक्टूबर का है, जब पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना पुलिस ने बिना अनुमति के जंतर-मंतर के हाई-सिक्योरिटी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने के आरोप में इन दोनों नेताओं को हिरासत में लिया था। पुलिस का आरोप है कि इन्होंने पहले से भरे गए शांति बॉन्ड (पीस बॉन्ड) की शर्तों की सरेआम धज्जियां उड़ाई हैं। इस मामले में पुलिस ने पहले ही दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर रखी हैं। अब देखना यह होगा कि क्राइम ब्रांच के तीखे सवालों के सामने ये नेता क्या सफाई पेश करते हैं।
