
बिहार, बंगाल और असम में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर CJP की प्रतिक्रिया।Source : Chrome
देश के कई राज्यों में छात्र प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और हिरासत की खबरों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार से अपने पुराने आश्वासनों को पूरा करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन वापस लेने से पहले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में हो रही कार्रवाई उस वादे के खिलाफ है।
सरकार से वादे निभाने की अपील
CJP ने केंद्र सरकार, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से अपील की है कि आंदोलन के दौरान किए गए वादों का सम्मान किया जाए। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी।
हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग
पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल और असम सहित विभिन्न राज्यों में हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने और सरकार की ओर से लिखित आश्वासन देने की भी मांग की गई है।
आंदोलन समझौते के बाद हुआ था स्थगित
CJP के अनुसार, NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर देशभर में आंदोलन चलाया गया था। सरकार के साथ बातचीत और कुछ आश्वासनों के बाद पार्टी ने विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया था, लेकिन हालिया गिरफ्तारियों के बाद उसने सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं।बंगाल और असम में पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी
बंगाल और असम में पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी
पार्टी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और असम में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कई जगहों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जबकि बाद में कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग
CJP ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई छात्रों में भय का माहौल पैदा करती है। पार्टी ने मांग की कि जिन पुलिस अधिकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
