मुंबई। महंगाई के दौर में मुंबई में फिल्म और मनोरंजन कार्यक्रम देखने वालों के खर्च को लेकर बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मनोरंजन कर की मौजूदा दरों में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। सबसे बड़ा बदलाव एयर-कंडीशंड सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स से जुड़े मनोरंजन कर में प्रस्तावित है, जहां प्रति टिकट कर 60 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये करने की बात कही गई है। यह मौजूदा दर के मुकाबले 570 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुआ है और इसके लिए राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग की मंजूरी जरूरी है।
₹60 से सीधे ₹400 तक पहुंच सकता है मनोरंजन कर
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, BMC ने मुंबई के सिनेमा हॉल और अन्य मनोरंजन स्थलों पर लागू मौजूदा मनोरंजन कर की दरों में बड़ी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के मुताबिक AC सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में प्रति टिकट मनोरंजन कर 60 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये किया जा सकता है।
यदि यह प्रस्ताव मंजूर होकर लागू होता है तो संबंधित सिनेमाघरों में टिकट की कुल कीमत पर इसका असर पड़ सकता है। मनोरंजन कर का भुगतान शो या स्क्रीनिंग आयोजित करने वाले एग्जिबिटर्स और प्रदर्शन कला से जुड़े थिएटर प्रबंधकों को नगर निकाय को करना होता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसका भार आमतौर पर टिकट की कीमत में शामिल करके दर्शकों तक पहुंच सकता है।
नॉन-AC सिनेमाघरों के लिए भी प्रस्तावित है बड़ा इजाफा
BMC ने केवल AC सिनेमाघरों के लिए ही बदलाव का प्रस्ताव नहीं दिया है। बिना AC वाले सिनेमाघरों में प्रति टिकट मनोरंजन कर को 45 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये करने का प्रस्ताव है। यह मौजूदा दर की तुलना में 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
इस प्रस्ताव के लागू होने पर AC और नॉन-AC दोनों तरह के सिनेमाघरों में मनोरंजन कर की दरों में बड़ा अंतर आने के साथ-साथ वर्तमान दरों की तुलना में उल्लेखनीय बदलाव होगा। हालांकि, अंतिम व्यवस्था राज्य सरकार की मंजूरी और अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी।
फिल्मों के अलावा नाटक और कॉन्सर्ट भी होंगे प्रभावित
BMC का प्रस्ताव सिर्फ फिल्मों और सिनेमाघरों तक सीमित नहीं है। कॉन्सर्ट और नाटक जैसे प्रदर्शन कला कार्यक्रमों के मनोरंजन कर में भी बदलाव प्रस्तावित किया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, कॉन्सर्ट और नाटकों जैसे प्रदर्शन कला कार्यक्रमों के लिए मनोरंजन कर को 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये करने की बात कही गई है। वहीं अन्य प्रकार के मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए मौजूदा 25 रुपये की दर को बढ़ाकर 75 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
यदि नई दरें लागू होती हैं तो मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में आयोजकों की लागत और टिकट मूल्य पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
मिनी थिएटर और वीडियो प्रदर्शन स्थलों पर नया टैक्स
प्रस्ताव में मिनी थिएटर और वीडियो दिखाने वाले स्थानों को भी शामिल किया गया है। BMC ने इन स्थानों के लिए प्रति टिकट 90 रुपये का नया मनोरंजन कर लगाने का प्रस्ताव रखा है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह ऐसी श्रेणी है जिस पर पहले मनोरंजन कर नहीं लगता था। इसलिए प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर मिनी थिएटर और संबंधित वीडियो प्रदर्शन स्थलों के लिए यह एक नई कर व्यवस्था होगी।
मराठी और गुजराती फिल्मों को 100% टैक्स छूट का प्रस्ताव
BMC के प्रस्ताव में क्षेत्रीय सिनेमा और संस्कृति को बढ़ावा देने से जुड़ा प्रावधान भी रखा गया है। इसके तहत मराठी और गुजराती फिल्में, नाटक और कॉन्सर्ट दिखाने वाले सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स और थिएटर के लिए 100 प्रतिशत मनोरंजन कर माफी का प्रस्ताव है।
इस प्रस्तावित छूट का दायरा मराठी और गुजराती भाषा की फिल्मों तथा संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक रखा गया है। यह भी प्रस्ताव का हिस्सा है और इसके लागू होने की स्थिति मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
नई दरें अभी लागू नहीं, पुरानी व्यवस्था जारी
नई प्रस्तावित दरों को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल ये दरें लागू नहीं हुई हैं। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, नगर निकाय प्रशासन ने 2014-15 में लागू मनोरंजन कर की दरों को 2027-28 तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा है। यह व्यवस्था तब तक जारी रह सकती है, जब तक राज्य सरकार संशोधित कर ढांचे को मंजूरी नहीं देती और आधिकारिक राजपत्र में इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हो जाती।
BMC के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि फिलहाल पुरानी दरें ही लागू हैं, क्योंकि शहरी विकास विभाग से नई दरों को मंजूरी मिलना बाकी है।
अभी कितनी है फिल्मों और मनोरंजन कार्यक्रमों पर दर?
मौजूदा व्यवस्था में AC सिनेमाघरों के लिए प्रति शो 60 रुपये और नॉन-AC सिनेमाघरों के लिए प्रति शो 45 रुपये का मनोरंजन कर है। नाटक और अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों पर प्रति शो 25 रुपये का कर लगाया जाता है। वहीं सर्कस और मेलों के लिए प्रतिदिन 50 रुपये का कर लागू है।
BMC के प्रस्ताव में इन मौजूदा दरों में अलग-अलग स्तर पर बदलाव किया गया है। AC सिनेमाघरों के लिए प्रस्तावित 400 रुपये की दर सबसे बड़ी वृद्धि है, जबकि नॉन-AC सिनेमाघरों के लिए 200 रुपये और अन्य मनोरंजन श्रेणियों के लिए अलग-अलग नई दरें प्रस्तावित की गई हैं।
समय पर टैक्स जमा करने वालों की 6% छूट भी प्रस्ताव में
BMC ने मनोरंजन कर से जुड़े पुराने प्रावधान को जारी रखने का भी प्रस्ताव रखा है। वर्ष 1959 से उन करदाताओं को 6 प्रतिशत की छूट मिलती है, जो अपना मासिक थिएटर टैक्स महीने की 5 तारीख तक अग्रिम रूप से जमा करते हैं।
प्रस्ताव के अनुसार इस 6 प्रतिशत की छूट को भी 2027-28 तक जारी रखने की बात कही गई है। यानी प्रस्तावित नई दरों के साथ समय पर भुगतान करने वाले करदाताओं के लिए मौजूदा छूट व्यवस्था को बनाए रखने का प्रावधान भी मौजूद है।
मंजूरी के बाद ही पता चलेगा दर्शकों पर कितना असर
BMC के प्रस्ताव के सामने आने के बाद मुंबई के सिनेमा और मनोरंजन क्षेत्र में संभावित बदलाव चर्चा में हैं, लेकिन अभी इसे लागू व्यवस्था नहीं माना जा सकता। राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग की मंजूरी और आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना के बाद ही प्रस्तावित नई दरें प्रभावी हो सकती हैं।
इसलिए फिलहाल मुंबई के सिनेमाघरों में मनोरंजन कर की मौजूदा दरें ही लागू हैं। प्रस्ताव मंजूर होने की स्थिति में AC सिनेमाघरों, नॉन-AC हॉल, कॉन्सर्ट, नाटक, अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों और मिनी थिएटर के लिए कर व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है।
