पटना। बिहार में हवाई सफर करने वाले यात्रियों से लेकर युवाओं, किसानों और बिजली उपभोक्ताओं तक के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक से कई अहम फैसले सामने आए हैं। बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें विमान ईंधन यानी एटीएफ पर वैट को शून्य करना, बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026 को स्वीकृति देना, हजारों कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना, कुशल युवा कार्यक्रम को संशोधित स्वरूप में लागू करना और कई बड़ी सड़क एवं बिजली परियोजनाओं के लिए राशि स्वीकृत करना शामिल है।
हवाई यात्रियों के लिए बड़ी खबर, एटीएफ पर वैट अब शून्य
बिहार सरकार ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) के तहत विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वैट की दर को एक प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है। सरकार का यह निर्णय बिहार में क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
एटीएफ पर कर कम होने से बिहार के हवाई अड्डों पर विमान संचालन की लागत में कमी आने की संभावना है। इससे विमानन कंपनियों को अपेक्षाकृत कम लागत पर ईंधन उपलब्ध हो सकेगा। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य खास तौर पर ऐसे छोटे शहरों और अपेक्षाकृत कम यात्री संख्या वाले हवाई मार्गों पर हवाई सेवाओं को प्रोत्साहित करना है, जहां परिचालन लागत एक महत्वपूर्ण factor होती है।
इस फैसले से मौजूदा हवाई मार्गों पर टिकट किराये में कमी की संभावना भी बन सकती है। हालांकि वास्तविक किराया कितना घटेगा, यह विमानन कंपनियों के परिचालन खर्च और अन्य व्यावसायिक कारकों पर निर्भर करेगा।
बिहार में हरित हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति के जरिए राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सरकार की नीति में हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया गया है। हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की दिशा में इसे बिहार सरकार की महत्वपूर्ण नीतिगत पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
2554 कृषि फीडर सौर ऊर्जा से होंगे जुड़े, 2585 मेगावाट के संयंत्र लगेंगे
बिहार के बचे हुए 2554 कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत कुल 2585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
सरकार इस योजना के लिए 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से कुल 2714.25 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। योजना के अंतर्गत 946 विद्युत उपकेंद्रों का सोलराइजेशन किया जाएगा।
इसके अलावा योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए 47.30 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस तरह कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से संबंधित योजना के लिए कुल 2761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई है।
युवाओं के लिए कुशल युवा कार्यक्रम को संशोधित रूप में मंजूरी
बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 के निश्चय-1 ‘दोगुना रोजगार, दोगुना आय’ के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को संशोधनों के साथ लागू करने की स्वीकृति दी है। इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से हर वर्ष 2,57,440 युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी।
सरकार के अनुसार इस कार्यक्रम से प्रत्यक्ष रूप से 4,572 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। कुशल युवा कार्यक्रम को डिजिटल मित्र के रूप में भी लागू किया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार से जुड़ी आवश्यक दक्षताओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना है।
आंगनबाड़ी में सूखे राशन की जगह मिलेंगे पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद
कैबिनेट ने सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के तहत पात्र लाभार्थियों को पारंपरिक सूखा राशन देने के स्थान पर रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत एवं पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद यानी आरबीएफएफपी उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है।
इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कॉम्फेड को दी गई है। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है।
कानून-व्यवस्था के लिए 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहन खरीदे जाएंगे
बिहार में कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार 30 वाटर कैनन खरीदने पर 26.40 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
इसके साथ ही 86 नए वज्र वाहनों की खरीद के लिए 36.12 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। दोनों मदों को मिलाकर कुल 62.52 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
हीमोफीलिया मरीजों के लिए मुख्यमंत्री योजना को मंजूरी
हीमोफीलिया मरीजों में अनियंत्रित रक्तस्राव को रोकने के लिए इमिसीजुमेब दवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के अंतर्गत मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना को मंजूरी दी गई है।
इस फैसले के तहत संबंधित मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
मुंगेर में तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने मुंगेर जिले से जुड़ी कई सड़क परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी है। तारापुर बायपास पथ यानी वंशीपुर से बिहमा सड़क के निर्माण के लिए 115.90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा सात निश्चय-2 के तहत रनगांव-भागलपुरा रोड से धौनी बायपास के निर्माण के लिए 87.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। एनएच-333 के गंगटा जंगल खंड को दो लेन में विकसित करने के लिए 51.22 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी मिली है।
पटना में मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड से जुड़ेगा परसा-संपतचक मार्ग
राजधानी पटना में यातायात कनेक्टिविटी से जुड़ी एक अहम परियोजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड को परसा-संपतचक मार्ग से जोड़ने की योजना है।
इसके लिए दो-लेन डाउन रैंप और एट-ग्रेड रोड का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 82.25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
कैमूर और रोहतास के 21,644 घरों तक पहुंचेगी ग्रिड बिजली
पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना के तहत कैमूर और रोहतास जिलों के 132 गांवों की 177 बसावटों में बिजली पहुंचाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत कुल 21,644 घरों को ग्रिड से बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
इस परियोजना की संशोधित लागत 351.85 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। पहले इस योजना की लागत 117.80 करोड़ रुपये थी। संशोधित लागत के आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाने की मंजूरी कैबिनेट ने दी है।
30 फैसलों में रोजगार, ऊर्जा, सड़क और जनसुविधाओं पर जोर
बिहार कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में हवाई परिवहन, हरित ऊर्जा, सौर ऊर्जा, युवाओं के कौशल विकास, पोषण, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल रहे।
एटीएफ पर वैट शून्य किए जाने से क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को प्रोत्साहन मिलने और किराये में कमी की संभावना बनी है। वहीं हरित हाइड्रोजन नीति से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के जरिए सौर ऊर्जा आधारित बिजली व्यवस्था को विस्तार देने की योजना है।
