erere | Source: erereदिनभर थकान और नींद महसूस होना, लेकिन रात में बिस्तर पर जाने के बाद घंटों तक नींद न आना आज के समय की एक आम समस्या बन चुकी है। अधिकांश लोग इसका कारण केवल तनाव को मानते हैं, जबकि कई बार इसके पीछे हमारी रोजमर्रा की गलत आदतें जिम्मेदार होती हैं। देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल, सोने-जागने का अनियमित समय, शाम के बाद अधिक चाय या कॉफी पीना, दिन में लंबी नींद लेना और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसी बातें रात की नींद को प्रभावित कर सकती हैं। अच्छी बात यह है कि जीवनशैली में कुछ छोटे-छोटे बदलाव करके इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

हर समय नींद आने और रात में नींद गायब होने की वजह क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि दिनभर बार-बार नींद आती है, लेकिन रात में सोने की कोशिश करने पर नींद नहीं आती, तो इसके पीछे केवल मानसिक तनाव ही जिम्मेदार नहीं होता। कई दैनिक आदतें भी शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी (बॉडी क्लॉक) को प्रभावित कर देती हैं, जिससे सोने और जागने का सामान्य चक्र बिगड़ जाता है।

अनियमित समय पर सोना सबसे बड़ी वजह बन सकता है

यदि किसी दिन आप रात 10 बजे सोते हैं और किसी दिन 1 बजे या उससे भी देर से सोते हैं, तो शरीर का प्राकृतिक समय चक्र असंतुलित हो जाता है। यही कारण है कि नियमित समय पर नींद नहीं आती। इसलिए रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और सुबह एक ही समय पर उठने की आदत बनाना फायदेमंद माना जाता है।

सोने से पहले मोबाइल चलाने की आदत छोड़ें

आज अधिकांश लोग सोने से पहले मोबाइल, टीवी या अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते हैं। इन उपकरणों से निकलने वाली तेज रोशनी मस्तिष्क को यह संकेत देती है कि अभी जागने का समय है। इसका सीधा असर नींद पर पड़ता है। इसलिए सोने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल और अन्य स्क्रीन वाले उपकरणों का उपयोग बंद करना बेहतर माना जाता है।

शाम के बाद चाय और कॉफी का सेवन करें सीमित

यदि आप शाम या रात के समय अधिक मात्रा में चाय या कॉफी पीते हैं, तो इसमें मौजूद कैफीन नींद आने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है। रात के समय चाय या कॉफी की जगह गुनगुना दूध या सादा पानी बेहतर विकल्प हो सकता है।

दिन में लंबी नींद भी बिगाड़ सकती है रात की नींद

दिन में एक से दो घंटे तक सोने की आदत भी रात में नींद आने में बाधा बन सकती है। यदि आराम की जरूरत महसूस हो, तो दिन में थोड़े समय के लिए ही विश्राम करना अधिक उपयुक्त माना जाता है।

शारीरिक गतिविधि की कमी भी बन सकती है कारण

यदि पूरा दिन बैठे-बैठे काम करते हैं और शरीर को पर्याप्त गतिविधि नहीं मिलती, तो रात में अच्छी नींद आने में परेशानी हो सकती है। रोजाना कुछ समय पैदल चलना, हल्की कसरत करना या खुली हवा में समय बिताना नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

गहरी और सुकूनभरी नींद के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

सोने से पहले शरीर को दें आराम

सोने से पहले हल्के गुनगुने पानी से स्नान करना या कम से कम हाथ-पैर धो लेना शरीर को आराम पहुंचाता है। इससे तनाव कम महसूस होता है और नींद जल्दी आने में मदद मिल सकती है।

कमरे का वातावरण रखें शांत और आरामदायक

बेहतर नींद के लिए कमरे की रोशनी हल्की रखें और शोर-शराबे से बचें। साफ-सुथरा और आरामदायक बिस्तर भी अच्छी नींद के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

रात का भोजन रखें हल्का

रात में बहुत अधिक तला-भुना या भारी भोजन करने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिसका असर नींद पर भी पड़ता है। इसलिए रात का भोजन हल्का और समय पर करना बेहतर विकल्प माना जाता है।

मोबाइल की जगह किताब या हल्का संगीत चुनें

यदि बिस्तर पर जाने के बाद भी नींद नहीं आ रही है, तो मोबाइल देखने के बजाय कोई किताब पढ़ सकते हैं या धीमा और सुकून देने वाला संगीत सुन सकते हैं। इससे मन शांत होता है और नींद आने में सहायता मिल सकती है।

20 से 30 मिनट तक नींद न आए तो क्या करें?

यदि बिस्तर पर लेटने के बाद 20 से 30 मिनट तक भी नींद नहीं आती, तो लगातार करवटें बदलने की बजाय कुछ देर उठकर शांत वातावरण में बैठें, हल्की किताब पढ़ें और जब नींद महसूस होने लगे, तब दोबारा बिस्तर पर जाएं।

सुबह की धूप लेना भी है जरूरी

सुबह कुछ समय धूप में रहने से शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी संतुलित रहती है। इससे रात में समय पर नींद आने की संभावना बढ़ जाती है।

खुली हवा में जरूर बिताएं कुछ समय

रोजाना कुछ समय खुली हवा में टहलना या शांत वातावरण में बैठना शरीर और मन दोनों को आराम देता है। यह आदत भी बेहतर नींद पाने में सहायक हो सकती है।

किन परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?

यदि कई सप्ताह तक लगातार नींद नहीं आती, रात में तेज खर्राटों के साथ सांस रुकने जैसी समस्या महसूस होती है या दिनभर अत्यधिक थकान और नींद बनी रहती है, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। समय पर जांच और उचित सलाह से समस्या के कारण का पता लगाया जा सकता है।