BPSC 70वीं परीक्षा में सफल होने के बाद औराई के राकेश कुमार और रागिनी कुमारी की उपलब्धि पर खुशी का माहौल। | Source: Social media

BPSC 70वीं परीक्षा में सफल होने के बाद औराई के राकेश कुमार और रागिनी कुमारी की उपलब्धि पर खुशी का माहौल।Source : Social media

बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड के दो अभ्यर्थियों ने शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कोकिलवारा गांव के राकेश कुमार और बेदौल गांव की रागिनी कुमारी ने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच सफलता हासिल कर सरकारी सेवा में अपनी जगह बनाई है। राकेश का चयन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर हुआ है, जबकि रागिनी कुमारी ग्रामीण विकास पदाधिकारी बनी हैं। दोनों की सफलता के बाद औराई क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।औराई के दो अभ्यर्थियों ने बढ़ाया क्षेत्र का मान

BPSC के अंतिम परिणाम में सफलता हासिल कर राकेश कुमार और रागिनी कुमारी ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे औराई प्रखंड को गौरवान्वित किया है। परिणाम घोषित होने के बाद दोनों के घरों पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनकी उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।

राकेश बने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी

कोकिलवारा गांव निवासी राकेश कुमार का चयन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर हुआ है। वे मदन राम और स्वर्गीय वीणा कुमारी के पुत्र हैं। उनकी माता आशा फैसिलिटेटर के रूप में कार्यरत थीं। वर्तमान में राकेश उच्च माध्यमिक विद्यालय औराई में हिंदी विषय के विद्यालय अध्यापक हैं और कक्षा 11 एवं 12 के छात्रों को पढ़ाते हैं।राकेश के लिए यह सफलता खास इसलिए भी है क्योंकि यह उनका चौथा इंटरव्यू था। लगातार प्रयास और मेहनत के बाद उन्होंने चौथे प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। राकेश ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दिवंगत माता, परिवार के सदस्यों और निरंतर मेहनत को दिया है। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि लगातार प्रयास करने वालों को सफलता जरूर मिलती है।

रागिनी बनीं ग्रामीण विकास पदाधिकारी

प्रखंड के बेदौल गांव निवासी सागर बैठी की पुत्री रागिनी कुमारी ने भी BPSC की 70वीं परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनका चयन ग्रामीण विकास पदाधिकारी के पद पर हुआ है। रागिनी की इस उपलब्धि की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और नियमित पढ़ाई के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।रागिनी की सफलता को क्षेत्र की बेटियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि से ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने का हौसला मिलेगा।

क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल

दोनों अभ्यर्थियों की सफलता के बाद औराई क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्रमुख प्रतिनिधि साकेत सुमन, समाजसेवी दीपक यादव, शिक्षक अमरेश कुमार समेत कई जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों का कहना है कि राकेश और रागिनी की सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा।स्थानीय लोगों का मानना है कि इन दोनों की उपलब्धि यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और सही दिशा में की गई तैयारी से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।