Bihar Public Service Commission (BPSC) द्वारा आयोजित AEDO भर्ती परीक्षा को लेकर एक बड़ा और सख्त निर्णय सामने आया है। आयोग ने 9 अलग-अलग पालियों में आयोजित पूरी परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी, पेपर लीक और संगठित नकल गिरोह के सक्रिय होने के पुख्ता संकेत मिले।

जानकारी के अनुसार, इस मामले में राज्य के 6 जिलों में FIR दर्ज की गई है। पुलिस और जांच एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब तक 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों में कथित तौर पर परीक्षा माफिया, सॉल्वर गैंग के सदस्य और कुछ स्थानीय सहयोगी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचा दिए गए थे, जिससे पूरी परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

यह परीक्षा बड़े पैमाने पर आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 11 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। इतने बड़े स्तर की परीक्षा रद्द होने से लाखों उम्मीदवारों के भविष्य पर असर पड़ा है। कई अभ्यर्थियों ने अपनी कड़ी मेहनत और समय बर्बाद होने पर नाराजगी जताई है, वहीं कुछ ने आयोग के फैसले को सही ठहराया है, यह कहते हुए कि अगर परीक्षा में धांधली हुई है तो उसे रद्द करना ही निष्पक्ष विकल्प था।

BPSC ने अपने बयान में कहा है कि वह भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं करेगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। साथ ही, यह भी संकेत दिए गए हैं कि जांच पूरी होने के बाद जल्द ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल माफिया के बढ़ते नेटवर्क पर चिंता बढ़ा दी है। राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों पर अब यह दबाव है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाएं, जिससे परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहे।