Fबिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार एक नई पहल करने जा रही है। अब पर्यटक बेहद कम खर्च में हेलीकॉप्टर के जरिए बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों का हवाई भ्रमण कर सकेंगे। उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि सरकार की ओर से सब्सिडी देकर पर्यटकों को मात्र 6,000 रुपये में राज्य के पांच प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाएगी। इसके अलावा पटनावासी और पर्यटक 15 जुलाई से सिर्फ 2,100 रुपये में राजधानी पटना का हवाई नजारा भी देख सकेंगे।


₹6000 में दिखेंगे बिहार के 5 प्रमुख पर्यटन स्थल

सरकार की योजना के तहत पर्यटकों को हेलीकॉप्टर से राजगीर, मुंडेश्वरी माता मंदिर, तुतला भवानी मंदिर, क्षेत्र के प्रमुख जलप्रपातों और वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व का भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से बजटीय अनुदान का भी प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार के पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।


15 जुलाई से शुरू होगी पटना की हवाई सैर

सम्राट चौधरी ने बताया कि आगामी 15 जुलाई से लोगों को मात्र 2,100 रुपये में हेलीकॉप्टर के जरिए पटना शहर का हवाई भ्रमण कराया जाएगा। इस दौरान पर्यटक राजधानी के प्रमुख स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों को आसमान से देख सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के बीच काफी लोकप्रिय होगी।


पर्यटन के साथ विकास योजनाओं पर भी जोर

यह घोषणा पटना के मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन में राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (NFDB) के क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान की गई। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बिहार में पर्यटन, मत्स्य पालन और ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाओं पर चर्चा की गई।


मछली उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की तैयारी

समारोह को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को बिहार में बेहतर गुणवत्ता वाली मछलियों के उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य अब केवल अपनी जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि मछली उत्पादन के क्षेत्र में निर्यातक राज्य बनने की दिशा में भी काम कर रहा है। सरकार की कोशिश है कि किसानों, पशुपालकों और मत्स्यपालकों को नई योजनाओं के जरिए आर्थिक रूप से और मजबूत बनाया जाए।