बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने घोषणा की है कि 25 जून के बाद शिक्षकों के मोबाइल पर विशेष नोटिफिकेशन भेजा जाएगा, जिसके जरिए वे अपनी पसंद का जिला चुन सकेंगे। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से दूर-दराज जिलों में कार्यरत शिक्षकों को राहत मिलेगी और स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। साथ ही मंत्री ने साफ कर दिया कि शिक्षकों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी, लेकिन पढ़ाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


25 जून के बाद मोबाइल पर आएगा नोटिफिकेशन

कैमूर जिले के रामगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के मोबाइल पर जल्द ही एक नोटिफिकेशन भेजा जाएगा। इसके माध्यम से शिक्षक अपनी पसंद का जिला चुन सकेंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को एक-दो नहीं बल्कि करीब 30 विकल्प दिए जाएंगे, जिनमें से वे अपनी सुविधा के अनुसार जिला चुन सकते हैं।


जिला कैडर व्यवस्था लागू करने की तैयारी

मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों के लिए जिला कैडर व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। शिक्षक जिस जिले का चयन करेंगे, भविष्य में उसी जिले के कैडर का हिस्सा बन जाएंगे। हालांकि बीच में जिला बदलने पर वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है।


महिला और पुरुष शिक्षकों को मिलेगी राहत

शिक्षा मंत्री ने बताया कि महिला शिक्षकों की पोस्टिंग उनके निकटतम पंचायत क्षेत्र में और पुरुष शिक्षकों की नियुक्ति नजदीकी प्रखंडों में करने की योजना है। इससे शिक्षकों को अपने परिवार के पास रहकर नौकरी करने का अवसर मिलेगा।


AI मॉनिटरिंग और हाजिरी पर सख्ती

मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि स्कूलों में अब AI आधारित मॉनिटरिंग लागू की जाएगी। यदि कोई शिक्षक स्कूल समय में बिना अनुमति परिसर से बाहर जाता है तो उसकी उपस्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की हाजिरी शिक्षा विभाग के पोर्टल पर दर्ज होगी और उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन छात्रों की प्रगति के आधार पर किया जाएगा।


पढ़ाई में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसके बदले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को हर सुविधा दी जाएगी, मगर बच्चों की पढ़ाई में किसी भी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।