भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। | Source: Social media

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।Source : Social media

बिहार में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के बाद से राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और निष्पक्ष जांच की मांग लगातार उठ रही है। इस बीच अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भी इस मामले में प्रतिक्रिया सामने आई है। बिहार दौरे से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की हत्या नहीं होनी चाहिए और हर मामले की सच्चाई कानून के जरिए सामने आनी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि न्याय और कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बना रहना बेहद जरूरी है। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है, क्योंकि इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर पहले से ही बहस जारी है।

क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?

श्रीलंका प्रवास से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप होने का मतलब यह नहीं है कि उसकी जान ले ली जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पर आरोप हैं, तो उसे कानून के अनुसार गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए और किसी भी स्थिति में कानून को अपने हाथ में नहीं लिया जाना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने सरकार से पूरे मामले की विशेष जांच कराने की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके।

परिजनों से मिलने बिहार जाएंगे धीरेंद्र शास्त्री

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह जल्द ही बिहार का दौरा करेंगे और भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पीड़ित परिवार की बात सुनना जरूरी है। उनके मुताबिक, न्याय तभी संभव है जब मामले के सभी पक्षों को सुना जाए और निष्पक्ष जांच के आधार पर फैसला लिया जाए।

क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला?

भरत भूषण तिवारी का 17 जून को बिहार के भोजपुर जिले के बेलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारा जाना बताया गया था। घटना के बाद से पूरे बिहार में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि एनकाउंटर संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मामले को लेकर कई जगहों पर कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए गए हैं।

FIR के बाद भी शांत नहीं हुआ विरोध

एनकाउंटर मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के बावजूद परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारी लगातार स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल FIR दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।

बेलौटी गांव में बुलाई गई महापंचायत

भरत तिवारी मामले को लेकर 24 जून को भोजपुर जिले के बेलौटी गांव में महापंचायत भी बुलाई गई है। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस बैठक में आगे की रणनीति और न्याय की मांग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

बढ़ती जा रही है मामले की गूंज

भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर अब राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग के बीच यह मामला राज्य की राजनीति और समाज में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उसके निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।