िहार में पारदर्शी परीक्षा के लिए समिति के गठन सहित 4 बड़े शिक्षा सुधारों का ऐलान. बिहार में पारदर्शी परीक्षा के लिए समिति के गठन सहित 4 बड़े शिक्षा सुधारों का ऐलान.

पटना: देश के अलग-अलग हिस्सों में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की समस्याओं को लेकर छिड़ी बहस व आंदोलनों के बीच बिहार सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में चार बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने, छात्रों के कल्याण को प्राथमिकता देने और उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए नए कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार का मानना है कि इन चारों फैसलों से राज्य की पूरी शिक्षा प्रणाली ज्यादा पारदर्शी, प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनेगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि बिहार सरकार ने कौन से 4 बड़े फैसले लिए हैं:

परीक्षा सुधार समिति का होगा गठन

सरकार की ओर से सबसे मुख्य कदम परीक्षाओं की साख और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। इसके तहत एक 'राज्यस्तरीय परीक्षा सुधार समिति' बनाई जाएगी। यह समिति राज्य भर में होने वाली परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी व व्यवस्थित बनाने पर काम करेगी और समय-समय पर जरूरी सुधारों के लिए सरकार को अपने सुझाव भी सौंपेगी।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समिति का गठन

सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को ऊंचा उठाने और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए 'राज्यस्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समिति' का गठन किया गया है। यह समिति ग्राउंड लेवल पर जाकर यह देखेगी कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे दी जाए और शिक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को कैसे दूर किया जाए।

छात्र कल्याण निदेशालय की स्थापना

विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए शिक्षा विभाग और उससे जुड़े अन्य विभागों में एक विशेष 'छात्र कल्याण निदेशालय' बनाने का निर्णय लिया गया है। इसका मुख्य फोकस छात्रों की भलाई, उनके अधिकारों और उनसे संबंधित योजनाओं की सीधी देखरेख करना होगा।

शिकायतों के निपटारे के लिए लगेंगे 'सहयोग शिविर'

चौथा और महत्वपूर्ण निर्णय छात्रों की दैनिक समस्याओं व शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए लिया गया है। इसके लिए विशेष 'सहयोग शिविरों' का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में छात्र अपनी समस्याएं और शिकायतें सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रख सकेंगे, जिससे उनकी परेशानियों का जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके।