
Source : Dainik Bhaskar
बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद तस्कर शराब की खेप पहुंचाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला बक्सर से सामने आया है, जहां उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सड़े-गले आम के कैरेटों के बीच छिपाकर लाई जा रही करीब 35 लाख रुपये की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। यह खेप चंडीगढ़ से मुजफ्फरपुर भेजी जा रही थी। वीर कुंवर सिंह चेक पोस्ट पर जांच के दौरान अधिकारियों को ट्रक पर शक हुआ, जिसके बाद तलाशी में शराब की 350 पेटियां बरामद हुईं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर बिहार में सक्रिय अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
चेक पोस्ट पर जांच के दौरान खुला तस्करी का राज
उत्पाद विभाग की टीम बक्सर स्थित वीर कुंवर सिंह नए पुल के पास नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान उत्तर प्रदेश की ओर से बिहार में प्रवेश कर रहे एक ट्रक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब अधिकारियों ने ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली तो ऊपर से आम के कैरेट दिखाई दिए। शुरुआती जांच में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन गहन तलाशी के दौरान आम की पेटियों के नीचे छिपाकर रखी गई अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई।
350 पेटियां शराब बरामद, कीमत करीब 35 लाख रुपये
उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल के अनुसार ट्रक से अंग्रेजी शराब की कुल 350 पेटियां बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 35 लाख रुपये है। तस्करों ने शराब को सड़े-गले आम के कैरेटों के बीच इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में इसका पता न चल सके। अधिकारियों का मानना है कि यह खेप बिहार में अवैध तरीके से सप्लाई किए जाने के लिए लाई जा रही थी। बरामदगी के बाद ट्रक को जब्त कर लिया गया है और शराब की खेप को सुरक्षित रखा गया है।
हिमाचल का चालक गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच शुरू
कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक रवि कुमार (27) को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह शराब की खेप चंडीगढ़ से लेकर मुजफ्फरपुर जा रहा था। आरोपी चालक हिमाचल प्रदेश के रामशहर नंद गांव का निवासी बताया गया है। उत्पाद विभाग अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चेन, रिसीवर और पूरे गिरोह की पहचान के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद इस तरह की तस्करी रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
