नई दिल्ली: 2006 बैच की ओडिशा कैडर की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुधा सिंह को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) में पुलिस महानिरीक्षक (IG) की जिम्मेदारी सौंपी है। खास बात यह है कि CBI में करीब सात साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करने के तुरंत बाद नई जिम्मेदारी मिलने का रास्ता साफ करने के लिए उनके मामले में अनिवार्य ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ की शर्त में छूट दी गई है। भारतीय पुलिस सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 17 सितंबर 2026 को सुधा सिंह की NCRB में IG पद पर प्रतिनियुक्ति का आदेश दर्ज है।
CBI से NCRB तक पहुंचा सफर
सुधा सिंह ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए सीधे भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया था। उन्होंने 29 अगस्त 2006 को IPS की सेवा शुरू की। मार्च 2019 में उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में तैनाती हुई और जुलाई 2019 में उन्होंने पुलिस अधीक्षक (SP) के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।
CBI में उनका कार्यकाल लगातार आगे बढ़ता गया। अगस्त 2021 में उन्हें DIG पद पर पदोन्नति मिली, जबकि मार्च 2025 में वह एजेंसी में संयुक्त निदेशक (Joint Director) बनीं। CBI में उनकी प्रतिनियुक्ति 28 जुलाई 2026 को पूरी हुई।
सात साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद मिली नई जिम्मेदारी
CBI में लगभग सात वर्ष बिताने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत उन्हें अपने मूल कैडर ओडिशा लौटना था। इसके बाद ही निर्धारित नियमों के अनुसार अगली केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए ‘कूलिंग ऑफ’ अवधि पूरी करनी होती।
लेकिन सुधा सिंह के मामले में केंद्र सरकार ने इस शर्त में विशेष छूट को मंजूरी दी। विभागीय आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर IPS Tenure Policy में ढील देते हुए उनके लिए अनिवार्य कूलिंग ऑफ अवधि को माफ किया।
आखिर क्या होता है ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’?
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर लंबे समय तक सेवा देने वाले IPS अधिकारियों के लिए सेवा नीति में एक निर्धारित अंतराल का प्रावधान होता है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद अधिकारी को आमतौर पर अपने मूल कैडर में लौटकर निर्धारित अवधि पूरी करनी होती है। इसके बाद ही वह अगली केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पात्र होता है।
इसी निर्धारित अंतराल को सामान्य तौर पर ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ कहा जाता है। सुधा सिंह के मामले में ACC ने इसी अनिवार्य अवधि से छूट को मंजूरी दी, जिससे उनकी अगली केंद्रीय जिम्मेदारी के लिए रास्ता साफ हुआ।
NCRB में IG के तौर पर नई भूमिका
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार सुधा सिंह को NCRB में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। भारतीय पुलिस सेवा की आधिकारिक नियुक्ति सूची में भी उनका नाम NCRB में IG के रूप में दर्ज है।
NCRB केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है और देश में अपराध तथा अपराधियों से जुड़े आंकड़ों के संकलन और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ब्यूरो से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के अपराध संबंधी आंकड़े और विभिन्न रिपोर्टें पुलिस व्यवस्था तथा अपराध विश्लेषण के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
दिल्ली की रहने वाली, ओडिशा कैडर की IPS अधिकारी
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक सुधा सिंह मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं, जबकि उन्हें 2006 बैच में ओडिशा कैडर मिला। उनके करियर का एक बड़ा हिस्सा राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों में जिम्मेदारियां निभाने में रहा है।
CBI में SP से लेकर DIG और फिर Joint Director तक की जिम्मेदारियां संभालने के बाद अब उन्हें NCRB में IG की भूमिका मिली है। उनकी नई नियुक्ति के साथ केंद्रीय स्तर पर उनके प्रशासनिक और जांच संबंधी अनुभव का एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
नियुक्ति से पहले ही हो गया था कूलिंग ऑफ का रास्ता साफ
सुधा सिंह के NCRB में पदस्थापन से एक दिन पहले ही ACC ने उनके लिए कूलिंग ऑफ अवधि में छूट को मंजूरी दी थी। इसके बाद 17 सितंबर को भारतीय पुलिस सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर NCRB में IG के रूप में उनकी नियुक्ति की अधिसूचना दर्ज हुई।
इस तरह CBI में सात साल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करने के तुरंत बाद सुधा सिंह को NCRB में नई जिम्मेदारी मिल गई। खास बात यह है कि यह नियुक्ति सामान्य कूलिंग ऑफ व्यवस्था में विशेष छूट दिए जाने के बाद संभव हुई।
