नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के लगातार विरोध और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद रविवार को प्रल्हाद जोशी ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इसके साथ ही वे अपने मौजूदा मंत्रालयों की जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे।
BIG BREAKING:धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रल्हाद जोशी की एंट्री, नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में संभाला पदभार! नीट विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी,Source : Dainik jagran.com
धारवाड़ से पांच बार सांसद रह चुके हैं जोशी
कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से पांच बार सांसद चुने जा चुके प्रल्हाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। पिछले कई वर्षों में उन्होंने संगठन और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के कारण उन्हें सरकार के प्रमुख चेहरों में माना जाता है।
कई अहम मंत्रालयों की संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
साल 2019 से 2024 के बीच प्रल्हाद जोशी ने संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में कार्य किया। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों का प्रभार सौंपा गया। इन मंत्रालयों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों की निगरानी की।
हरित ऊर्जा योजनाओं में निभाई अहम भूमिका
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम योजना और भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने से जुड़ी कई प्रमुख सरकारी पहलों की निगरानी की। ऊर्जा क्षेत्र में उनकी भूमिका को सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया जाता है।
शिक्षा मंत्री के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां
शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद प्रल्हाद जोशी के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। इनमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने दिया था इस्तीफा
गौरतलब है कि शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का फैसला किया। अब देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की जिम्मेदारी प्रल्हाद जोशी के कंधों पर होगी।
