All India Young Advocates Association के प्रदर्शन में उठे जवाबदेही और युवा वकीलों के मुद्दे, BCI Office के बाहर भारी Police Deployment
BCI Chief Manan Mishra के इस्तीफे की मांग पर घमासान, Delhi में Lawyers का Protest; NALSAR विवाद ने बढ़ाया दबावSource : Abp news.com
नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में वकीलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। All India Young Advocates Association की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में वकीलों ने NALSAR विवाद के साथ-साथ BCI की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और देशभर के अधिवक्ताओं से जुड़े कई मुद्दे उठाए। प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिला है। वहीं, बॉम्बे बार एसोसिएशन ने भी मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है।
BCI Office के बाहर बढ़ाई गई Security
प्रदर्शन को देखते हुए BCI कार्यालय के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग करते नजर आए। इस दौरान ‘Resign BCI Chairman’, ‘14 साल का कार्यकाल, वकीलों का हाल बेहाल’, ‘We’re representing everyone, who is representing us?’ और ‘तानाशाही खत्म करो’जैसे नारे लगाए गए।
प्रदर्शन में शामिल वकीलों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक संगठन का आंदोलन नहीं है, बल्कि वकीलों की अपनी शीर्ष संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर उठाई गई आवाज है। उनका कहना है कि BCI की कमियों को दूर करने के साथ वकीलों से जुड़े जायज मुद्दों पर संस्था को मजबूती से आवाज उठानी चाहिए।
CJP के समर्थन पर क्या बोले प्रदर्शनकारी?
प्रदर्शन में शामिल एडवोकेट रमन शर्मा ने कहा कि अगर कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन को समर्थन दिया है तो यह अच्छी बात है, लेकिन इस मुद्दे पर वकीलों को भी अपने स्तर पर विचार करना चाहिए। उनके मुताबिक यह मूल रूप से वकीलों का अपनी शीर्ष संस्था के खिलाफ आंदोलन है, जिसका उद्देश्य संगठन की कमियों को सामने लाना और वकीलों की मांगों को उठाना है।
युवा वकीलों की बेरोजगारी और Stipend का मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने युवा अधिवक्ताओं के सामने रोजगार और काम की कमी का मुद्दा भी उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में युवा वकीलों के पास पर्याप्त काम नहीं है और उन्हें आर्थिक तथा पेशेवर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वकीलों ने कहा कि BCI को युवा अधिवक्ताओं की समस्याओं, Stipend और Basic Facilities जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उनका आरोप है कि इन विषयों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
NALSAR विवाद पर भी नाराजगी
प्रदर्शन में NALSAR से जुड़े विवाद को लेकर भी नाराजगी सामने आई। एक प्रदर्शनकारी वकील ने आरोप लगाया कि NALSAR के छात्रों और युवा वकीलों को जिस तरह धमकाया गया, वह उचित नहीं था।
वकील के मुताबिक मनन कुमार मिश्रा से उम्मीद थी कि वह वकीलों के हितों की बात करेंगे, लेकिन उनके अनुसार इसके विपरीत वकील एकता कमजोर हुई। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकीलों और युवा अधिवक्ताओं के बीच भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है।
‘सिर्फ Sorry बोलना काफी नहीं, Accountability तय हो’
एडवोकेट सत्यम ने कहा कि Accountability तय करने के लिए इस्तीफा जरूरी है। उनके मुताबिक केवल माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
एक अन्य वकील ने सवाल उठाया कि संबंधित पत्र BCI चेयरमैन ने अपनी इच्छा से जारी किया था या फिर पूरी बार काउंसिल की सहमति से। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की।
BCI की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
गौरव बिश्नोई ने बार काउंसिल के सदस्यों से सामने आकर BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग करने की अपील की। वहीं, संगप्रीत सिंह ने भी NALSAR से जुड़े मुद्दे का हवाला देते हुए मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की।
आरपी सिंह ने BCI की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मनन कुमार मिश्रा के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा वकील अपनी समस्याएं लेकर BCI पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलतीं।
उन्होंने Stipend और जरूरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए यह भी सवाल किया कि यदि मनन कुमार मिश्रा BCI चेयरमैन थे, तो वह राज्यसभा के सदस्य क्यों बने।
वकीलों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शन में शामिल रमन शर्मा ने वकीलों के खिलाफ होने वाली हिंसा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब अलग-अलग वर्ग अपने लोगों के पक्ष में आवाज उठाते हैं, तो वकीलों के प्रतिनिधियों को भी अपने समुदाय के साथ खड़ा होना चाहिए।
फिलहाल BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर वकीलों का यह प्रदर्शन NALSAR विवाद, BCI Accountability, युवा वकीलों की समस्याओं और संस्था की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों को लेकर केंद्रित है।
