Shehzad Poonawalla Resignation: पैसे खत्म हुए तो BJP छोड़ी, शहजाद पूनावाला ने खोला इस्तीफे का राज, बोले- अब प्राइवेट नौकरी करूंगा | Source: The poiner.comShehzad Poonawalla Resignation: भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफे की वजह बताई है. उन्होंने कहा कि फैसला किसी वैचारिक मतभेद के कारण नहीं, बल्कि आर्थिक और पारिवारिक मजबूरियों के चलते लिया. अब वह कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी करने की तैयारी में हैं.

Shehzad Poonawalla Resignation: पैसे खत्म हुए तो BJP छोड़ी, शहजाद पूनावाला ने खोला इस्तीफे का राज, बोले- अब प्राइवेट नौकरी करूंगाSource : The poiner.com

Shehzad Poonawalla Resignation: पैसे खत्म हुए तो BJP छोड़ी, शहजाद पूनावाला ने खोला इस्तीफे का राज, बोले- अब प्राइवेट नौकरी करूंगाSource : The print.com

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इस्तीफे के पीछे क्या थी असली वजह?

भाजपा के मुखर और चर्चित प्रवक्ता रहे शहजाद पूनावाला के पार्टी से इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा पैदा कर दी थी. अब उन्होंने एनडीटीवी इंडिया को दिए एक खास इंटरव्यू में अपने फैसले की वजह खुलकर बताई है. पूनावाला ने कहा कि भाजपा छोड़ने का फैसला किसी वैचारिक मतभेद की वजह से नहीं हुआ, बल्कि उनके सामने आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही थीं.

उन्होंने बताया कि वह मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहने के कारण उनके लिए कमाई का कोई दूसरा जरिया निकालना मुश्किल हो गया था. स्थिति यहां तक पहुंच गई कि उनके पास घर का किराया देने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं बचे थे.

पैसे खत्म हुए तो बढ़ने लगी परेशानी

शहजाद पूनावाला ने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बात करते हुए कहा कि पार्टी के लिए 24 घंटे और सातों दिन काम करने के कारण वह दूसरी नौकरी या कमाई का कोई रास्ता नहीं निकाल पा रहे थे. लंबे समय तक उन्होंने अपनी जमा-पूंजी से घर का खर्च चलाया, लेकिन धीरे-धीरे वह बचत भी खत्म हो गई.

उन्होंने कहा कि मकान मालिक भाजपा नेता होने की वजह से उन्हें मुफ्त में घर नहीं देता और हर महीने किराया देना पड़ता है. ऐसे में परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा था. इसी वजह से उन्होंने पार्टी की जिम्मेदारी से अलग होने का फैसला किया.

मां की जिम्मेदारी और बेटे का कर्तव्य

पूनावाला ने बताया कि उनकी मां का कुछ समय पहले एक्सीडेंट भी हुआ था. उनकी देखभाल और जिम्मेदारी भी उन्हें ही संभालनी थी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और बेटे के प्रति भी अपना कर्तव्य निभाना चाहते हैं.

उन्होंने बताया कि इन्हीं परिस्थितियों के बीच उन्होंने 30 जुलाई को भाजपा से इस्तीफा दिया था. लंबी बातचीत के बाद पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि पार्टी छोड़ने का मतलब उनकी विचारधारा छोड़ना नहीं है.

भाजपा छोड़ी, विचारधारा नहीं

शहजाद पूनावाला ने कहा कि भाजपा के लिए उनकी सोच पहले जैसी ही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर तारीफ की और कहा कि वह उनके नेतृत्व में विश्वास रखते हैं.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पार्टी की व्यवस्था से अलग हुए हैं, लेकिन भाजपा की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं छोड़ा है. पूनावाला के मुताबिक, वह आगे भी भाजपा और पीएम मोदी के समर्थक बने रहेंगे.

अब कॉरपोरेट सेक्टर में लौटेंगे

भाजपा से अलग होने के बाद अपने भविष्य की योजना पर भी शहजाद पूनावाला ने खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि राजनीति में आने से पहले वह कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी करते थे. अब आर्थिक जरूरतों को देखते हुए उन्हें फिर से प्राइवेट सेक्टर में लौटना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि वह किस कंपनी में काम करेंगे, लेकिन वह वही काम करेंगे जिसमें उन्हें अनुभव और विशेषज्ञता हासिल है. इसके साथ ही वह स्वतंत्र नागरिक और राजनीतिक विश्लेषक के रूप में अपनी बात भी सामने रखते रहेंगे.

सोशल मीडिया पर और खुलकर रखेंगे अपनी बात

शहजाद पूनावाला ने कहा कि अब वह सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए पहले से ज्यादा खुलकर अपनी राय रख सकेंगे. उनका कहना है कि पार्टी की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद उनके ऊपर कई तरह की बंदिशें भी खत्म हो गई हैं.

उन्होंने भाजपा को युवाओं से जुड़ने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को नई पीढ़ी तक पहुंचने के लिए युवाओं की भाषा, लिंगो और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को ज्यादा प्रभावी तरीके से अपनाना चाहिए.

यूपी चुनाव को लेकर भी किया बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर शहजाद पूनावाला ने दावा किया कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पहले से भी बड़े बहुमत के साथ चुनाव जीत सकती है.

उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति उनका समर्थन बना रहेगा और वह आगे भी अपनी राजनीतिक राय सार्वजनिक रूप से रखते रहेंगे.