नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पहलवान विनेश फोगट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर जवाब दिया। उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि इस संघर्ष ने देश को हिम्मत, लोकतंत्र और संविधान में विश्वास का संदेश दिया है।
विनेश फोगट ने लिखा कि सड़कों पर खड़े बच्चों ने हिम्मत का असली मतलब दिखाया। उनके हाथों में फूल और दिल में संविधान में विश्वास था। उन्हें डराने की कोशिश की गई, लेकिन वे और भी ज़्यादा ताकत से अपनी आवाज़ उठाते रहे। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद नहीं छोड़ी।
उन्होंने आगे कहा कि न्याय की मांग को दबाने की हर कोशिश इतिहास में दर्ज होगी। इस पीढ़ी को अन्याय के सामने चुप रहने से इनकार करने के लिए याद किया जाएगा। फोगट ने कहा कि इस संघर्ष का नतीजा लोकतंत्र की जीत और डर की हार है।
इससे पहले, विनेश फोगट ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और भविष्य के लिए शांति से विरोध कर रहे थे, लेकिन उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने छात्राओं के साथ हो रहे बर्ताव पर भी चिंता जताई और इसे बेपरवाही भरा काम बताया।
गौरतलब है कि CJP के कई दिनों के विरोध प्रदर्शन और सोनम वांगचुक की 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें मान ली थीं। इसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को कुछ समय के लिए रोक दिया गया।
