केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नीट पेपर लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर सरकार सकारात्मक रुख अपनाने को तैयार है। अधिकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
Dharmendra Pradhan Resignation: क्या धर्मेंद्र प्रधान देंगे इस्तीफा? केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने साफ कर दी तस्वीरSource : ANI
हालांकि, अधिकारी ने साफ किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की संभावना फिलहाल बेहद कम है। उनका कहना है कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं के लिए धर्मेंद्र प्रधान को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए उनके इस्तीफे पर फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
बुधवार (22 जुलाई 2026) को यह जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पेपर लीक मामलों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में सुधार और प्रभावित परिवारों को राहत देने के उपायों पर काम करना है।
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
सरकार बातचीत के लिए तैयार, लेकिन जगह को लेकर नहीं चाहती टकराव
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ गंभीरता से बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत की जगह को लेकर किसी भी पक्ष को अड़ियल रुख नहीं अपनाना चाहिए, जैसा कि फिलहाल सीजेपी (CJP) की ओर से किया जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर सीजेपी के दो प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने संगठन की मांगों को विस्तार से सुना और भरोसा दिलाया कि शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद दोबारा संपर्क किया जाएगा। इसके बाद सरकार के भीतर कई दौर की बैठकों का आयोजन हुआ, जिनमें जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
CJP और सरकार के बीच दूसरी बैठक के संकेत
सरकार की ओर से सीजेपी को उसकी मांगों पर एक और दौर की बातचीत का संकेत भेजा गया है। हालांकि, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन के प्रतिनिधि जेपी नड्डा से दोबारा मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह बैठक किसी मंत्री के सरकारी आवास पर नहीं, बल्कि जंतर-मंतर या उसके आसपास किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत तभी सार्थक होगी, जब सरकार वास्तव में प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मंशा रखती हो।
सीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा, और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की मांग की है। वहीं, सरकारी अधिकारी ने हाल ही में सफलतापूर्वक आयोजित नीट पुनर्परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा, "शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। नीट प्रश्नपत्र लीक के लिए मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वह इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं थे।"
मुआवजे पर सकारात्मक रुख, संसद में चर्चा को भी तैयार सरकार
हालांकि, अधिकारी ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए भी तैयार है। सरकार का मानना है कि सदन में वह आंदोलन के बाद उठाए गए सभी कदमों की विस्तार से जानकारी दे सकती है और यह भी स्पष्ट कर सकती है कि नीट की पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई थी।
अधिकारी के अनुसार, "अगर जरूरत पड़ी तो हम दो-तीन दिन या उससे भी अधिक समय तक इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। लेकिन विपक्ष की अव्यावहारिक मांगों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।"उन्होंने कहा कि सरकार संसद के भीतर हर सवाल का जवाब देने और अपने पक्ष को विस्तार से रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
