BIG BREAKING: 24 घंटे का अल्टीमेटम! कार्रवाई नहीं हुई तो चुनाव आयोग के सामने धरने पर बैठेंगे प्रशांत किशोर, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का लगाया आरोप! | Source: Live City.com बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर जन सुराज के संस्थापक और प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, जिला प्रशासन और सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया में शामिल सरकारी और अर्द्धसरकारी कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर नहीं हटाया गया तो वह स्वयं अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह संविधान और कानून के दायरे में होगा।

BIG BREAKING: 24 घंटे का अल्टीमेटम! कार्रवाई नहीं हुई तो चुनाव आयोग के सामने धरने पर बैठेंगे प्रशांत किशोर, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का लगाया आरोप!Source : Live City.com

संविधान के तहत लोकतांत्रिक तरीके से करेंगे शांतिपूर्ण आंदोलन

प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज लोकतंत्र और संविधान में पूरी आस्था रखता है। इसलिए सबसे पहले चुनाव आयोग के समक्ष अपनी शिकायत और साक्ष्य रखे जाएंगे। यदि आयोग समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं करता है, तो पार्टी संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शांतिपूर्ण धरना देगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए है।

भाजपा के बड़े नेताओं के आने को बताया जीत

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर की जनता और जन सुराज के कार्यकर्ताओं के लिए इससे बड़ी जीत कोई नहीं हो सकती कि भाजपा के बड़े नेता और मंत्री, जो पहले इस क्षेत्र में प्रचार के लिए नहीं आ रहे थे, अब लगातार बांकीपुर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस सीट को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां आज उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत झोंकी जा रही है। उनके अनुसार यह जन सुराज के बढ़ते जनाधार का स्पष्ट संकेत है।

हर दल को चुनाव प्रचार का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार

प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें भाजपा के चुनाव प्रचार से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को संविधान के दायरे में रहकर जितनी ताकत लगानी हो, उतनी ताकत लगाने का अधिकार है। कोई भी पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार में लगा सकती है। लेकिन चुनाव प्रक्रिया में सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग पर उन्हें गंभीर आपत्ति है।

जन सुराज कार्यकर्ताओं को परेशान करने का लगाया आरोप

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि जन सुराज के कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक स्तर पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता अपने निजी खर्च पर बांकीपुर आए हैं और विभिन्न होटलों में ठहरे हुए हैं। इन होटलों में छापेमारी कर कार्यकर्ताओं से पूछा जा रहा है कि उनके रहने और खाने का खर्च कौन उठा रहा है। जबकि भाजपा के कार्यकर्ता और नेता भी होटलों में ठहरे हुए हैं, लेकिन उनसे इस तरह की पूछताछ नहीं की जा रही। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए निष्पक्ष चुनाव के सिद्धांत के खिलाफ बताया।

डीएम पर मतदाताओं को डराने का लगाया गंभीर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने पटना के जिलाधिकारी (डीएम) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एक आधिकारिक संदेश के बाद घर-घर जाकर लोगों को यह बताया जा रहा है कि यदि वे एनडीए के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे तो राशन और अन्य सरकारी सुविधाएं बंद हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि मतदाताओं को डर और लालच दिखाकर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, तो यह लोकतंत्र और स्वतंत्र चुनाव की भावना के खिलाफ है।

जीविका दीदियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने जीविका दीदियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से उन्हें यह जानकारी मिली है कि चुनाव प्रक्रिया में सरकारी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं, लेकिन अर्द्धसरकारी व्यवस्था से जुड़े लोगों का चुनाव प्रचार या मतदाताओं को प्रभावित करने में इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जीविका दीदियों को आधिकारिक रूप से चुनावी प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है, तो यह लोकतंत्र और बिहार की जनता के साथ अन्याय होगा।

24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा धरना प्रदर्शन

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग के पास जाएगी और सभी तथ्यों को रखेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर जीविका दीदियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को चुनाव प्रक्रिया से अलग नहीं किया गया तथा जिला प्रशासन ने इस पर रोक नहीं लगाई, तो वह स्वयं जन सुराज के कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगे।

निष्पक्ष चुनाव ही जन सुराज की सबसे बड़ी मांग

प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य केवल निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग समय रहते उचित कार्रवाई करता है तो लोकतंत्र की गरिमा बनी रहेगी। लेकिन यदि शिकायतों को नजरअंदाज किया गया तो उनकी पार्टी संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।