लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से हुई मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। गुरुवार को लखनऊ में हुई इस बैठक को चुनावी तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अखिलेश यादव से आशुतोष रांका की मुलाकात
कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने गुरुवार को लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह बैठक सपा मुख्यालय के पास स्थित जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के कार्यालय में हुई। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच शाम करीब चार बजे से लगभग डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई।
हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों पक्षों के बीच क्या सहमति बनी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक समाप्त होने के बाद आशुतोष रांका मीडिया से बातचीत किए बिना वहां से चले गए। समाजवादी पार्टी की ओर से भी मुलाकात के उद्देश्य या उसके नतीजे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
क्या छात्रों और शिक्षा के मुद्दे पर हुई बातचीत?
सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने बैठक में हुई बातचीत का विस्तृत ब्यौरा देने से इनकार किया। चौधरी ने कहा कि यह माना जा सकता है कि चर्चा में युवाओं, बेरोजगारी और स्कूली शिक्षा की स्थिति जैसे विषय शामिल रहे होंगे।
अखिलेश यादव पहले भी शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। वह स्कूलों के बंद होने के मुद्दे पर भी अपनी चिंता सार्वजनिक रूप से जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में आशुतोष रांका के साथ उनकी मुलाकात में शिक्षा और छात्रों से जुड़े विषयों की चर्चा होने की संभावना को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।
‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ के मुद्दे भी चर्चा में?
सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव और आशुतोष रांका के बीच हुई बातचीत में छात्रों से जुड़े मुद्दों के अलावा ‘जेन जी’ और ‘जेन अल्फा’ की चिंताओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, इन विषयों पर बैठक में वास्तव में क्या बातचीत हुई, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कुछ महीनों से छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में गतिविधियां चला रही है। इसी क्रम में राजस्थान में चलाए गए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का मामला भी चर्चा में रहा है।
राजस्थान में रांका पर कथित हमले का मामला
पिछले महीने राजस्थान में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान आशुतोष रांका पर कथित हमले की घटना सामने आई थी। इसके बाद अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे को उठाया था। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच हुई ताजा मुलाकात को छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बैठक में इस घटना को लेकर कोई विशेष चर्चा हुई या नहीं। समाजवादी पार्टी अथवा कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से इस मुलाकात को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में भी दिखी थी सपा
कॉकरोच जनता पार्टी ने हाल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर लाठीचार्ज किए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वहां पहुंचकर एकजुटता दिखाई थी।
सपा सांसद डिंपल यादव और आजमगढ़ से पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव सहित पार्टी के नेता जंतर-मंतर पहुंचे थे। अखिलेश यादव भी कई मौकों पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं। यही वजह है कि लखनऊ में हुई अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात को छात्र मुद्दों और शिक्षा से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
पांच सितंबर का दिल्ली मार्च क्यों वापस लिया गया?
कॉकरोच जनता पार्टी ने हाल ही में पांच सितंबर को राजधानी दिल्ली में इंडिया गेट से मार्च निकालने का ऐलान किया था। हालांकि बाद में पार्टी ने इस मार्च को वापस लेने का फैसला किया। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया था कि सरकार ने जुलाई में किए गए वादों को पूरा नहीं किया है।
इसके बाद एफआईआर वापस लेने और मुआवजे के ऐलान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के फैसलों का स्वागत किया और प्रस्तावित मार्च वापस ले लिया। यह घटनाक्रम भी पार्टी की हालिया गतिविधियों में महत्वपूर्ण रहा है।
यूपी चुनाव से पहले मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक उत्सुकता
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक दलों और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक समूहों की गतिविधियों पर नजर बढ़ गई है। ऐसे समय में अखिलेश यादव जैसे प्रमुख विपक्षी नेता और कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के बीच लगभग डेढ़ घंटे तक हुई बैठक स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गई है।
फिलहाल इस मुलाकात से किसी गठजोड़, चुनावी समझौते या राजनीतिक साझेदारी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बैठक के एजेंडे और उसके संभावित राजनीतिक परिणाम को लेकर भी समाजवादी पार्टी तथा कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या निकलेगा इस मुलाकात का राजनीतिक मतलब?
अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की बैठक के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का राजनीतिक असर कितना व्यापक होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार मुलाकात में युवाओं, बेरोजगारी, स्कूली शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है, लेकिन बैठक में लिए गए किसी निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों को समाजवादी पार्टी लगातार भाजपा की अगुवाई वाली राज्य सरकार के खिलाफ उठाती रही है। ऐसे में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय संगठनों के साथ होने वाली राजनीतिक बातचीत आने वाले समय में चर्चा का विषय बनी रह सकती है।
