DM कुंदन कुमार

DM कुंदन कुमार


पटना। पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश और बाणसागर बराज व इंद्रपुरी जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद पटना से होकर गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने और सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है।

जिलाधिकारी ने बाढ़ सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को संवेदनशील तटबंधों के पास पर्याप्त मात्रा में ईसी बैग, नाइलन क्रेट, ट्रैक्टर, जेनरेटर और अन्य फ्लड फाइटिंग सामग्री रखने को कहा है। जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य शुरू हो सके, इसके लिए 24 घंटे मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है।


निचले इलाकों पर विशेष नजर

एसडीओ और अंचल अधिकारियों को निचले एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पहले से कार्ययोजना तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों के निष्कासन के दौरान केवल सुरक्षित नाव और SDRF की नावों का इस्तेमाल किया जाएगा।


शरणस्थलों में मेडिकल कैंप और कम्युनिटी किचन

संभावित प्रभावित लोगों के लिए चिन्हित शरणस्थलों पर पेयजल, शौचालय, रोशनी, भोजन और दवाओं की व्यवस्था रखने को कहा गया है। यहां कम्युनिटी किचन चलाने के साथ प्रत्येक शरणस्थल के पास मेडिकल कैंप भी लगाने का निर्देश दिया गया है। मेडिकल कैंप में जीवनरक्षक दवाओं के अलावा सर्पदंश और कुत्ते के काटने की दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया है।

प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शरणस्थलों में विशेष व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।


छोटी नाव और डेंगी के परिचालन पर रोक

नदियों में छोटी नाव या डेंगी के परिचालन पर रोक रहेगी। प्रशासन के निर्देश के मुताबिक केवल सुरक्षित नावों का संचालन किया जाएगा। नाव पर ‘जिला प्रशासन द्वारा निःशुल्क व्यवस्था’ लिखा होना जरूरी होगा। साथ ही नाव की निर्धारित क्षमता और उपलब्ध जीवनरक्षक सामग्री की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी।


पशुओं के लिए भी बनेंगे इंतजाम

बाढ़ की स्थिति में पशुधन की सुरक्षा के लिए भी तैयारी रखने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार उपयुक्त स्थानों पर पशु शिविर, चारा और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बचाव कार्य के दौरान किसी भी संसाधन की कमी नहीं होनी चाहिए।


24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय

आपदा से जुड़ी सूचनाओं और समन्वय के लिए जिला स्तर पर 24×7 नियंत्रण कक्ष सक्रिय है। नागरिक आवश्यक सूचना के लिए 0612-2210118 और 8235449748 पर संपर्क कर सकते हैं। संबंधित प्रखंडों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।


DM और नगर आयुक्त ने गंगा क्षेत्र का लिया जायजा

जलस्तर की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार और नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने गेट नंबर 93 के पास गंगा नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में बचाव की तैयारियां दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि शहर में गंगा का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए PTP (Patna Town Protection) वॉल गेट नंबर 93 पर हाईएस्ट फ्लड लेवल से करीब 77 सेंटीमीटर ऊंची है। इसके ऊपर अतिरिक्त 2 फीट लकड़ी का प्रोटेक्शन लगाने की व्यवस्था भी है।

जिलाधिकारी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और घबराने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं और जिला प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।