बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर मोहर्रम के जुलूस के दौरान 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाने के दावे के साथ वायरल हुआ वीडियो जांच में पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत पाया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई गहन तकनीकी और स्थानीय जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह वीडियो सांप्रदायिक माहौल खराब करने और कुछ निर्दोष लोगों को झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए आम जनता से किसी भी भ्रामक और असत्यापित वीडियो को साझा न करने की सख्त अपील की है।
साजिश के पीछे हेमेंद्र और मुनेश का हाथ
हाफिजगंज थाना क्षेत्र में घटित इस घटना की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इस पूरे विवाद के पीछे हेमेंद्र और मुनेश नाम के दो स्थानीय व्यक्तियों का हाथ था। इन दोनों आरोपियों ने कुछ ताजियेदारों को गंभीर कानूनी पचड़े में फंसाने और इलाके का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। इस घिनौनी साजिश के तहत उन्होंने एक मासूम बच्चे का इस्तेमाल किया और उससे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगवाकर उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद, इस वीडियो को सोशल मीडिया पर मोहर्रम जुलूस से जोड़कर भ्रामक और झूठे दावों के साथ तेजी से वायरल कर दिया गया।
पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा विवाद
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, इलाके में तनाव की स्थिति पैदा होने लगी थी। हालांकि, बरेली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया और बिना वक्त गंवाए वीडियो की सत्यता की जांच शुरू कर दी। तकनीकी टीम और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से यह साफ हो गया कि जुलूस के दौरान ऐसी कोई नारेबाजी नहीं हुई थी, बल्कि यह पूरी तरह से एक सोची-समझी आपराधिक साजिश का हिस्सा था।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू
इस बड़ी साजिश का खुलासा होने के बाद बरेली पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों, हेमेंद्र और मुनेश, के खिलाफ कानून का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, समाज में वैमनस्य फैलाने, साजिश रचने और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि इस फर्जी वीडियो को आगे फैलने से रोका जा सके।
