RG Kar Case: दो साल बाद फिर खुला राज? TMC के पूर्व MLA निर्मल घोष गिरफ्तार, अंतिम संस्कार पर उठे सवाल | Source: Abp news.com2024 के आरजी कर रेप-मर्डर केस में बड़ा एक्शन, सबूत मिटाने के कथित मामले में ओडिशा से पकड़े गए निर्मल घोष; अंतिम संस्कार से जुड़े नए केस की पुलिस कर रही जांच

RG Kar Case: दो साल बाद फिर खुला राज? TMC के पूर्व MLA निर्मल घोष गिरफ्तार, अंतिम संस्कार पर उठे सवालSource : Abp news.com

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में साल 2024 में हुए आरजी कर रेप-मर्डर केस में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, निर्मल घोष को पीड़िता के अंतिम संस्कार से जुड़े मामले और सबूत मिटाने के कथित आरोप में ओडिशा से गिरफ्तार किया गया है।

आरजी कर मामले में यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब घटना को दो साल पूरे होने के मौके पर मामले से जुड़े कई सवाल फिर चर्चा में आ गए हैं। पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।

अंतिम संस्कार को लेकर क्यों उठे सवाल?

9 अगस्त 2024 की रात आरजी कर अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले में आरोप लगे थे कि घटना के बाद सबूतों को नष्ट करने और मामले को दबाने की कोशिश की गई।

आरजी कर केस की दूसरी बरसी पर 9 अगस्त 2026 को शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस से पीड़िता के शव के अंतिम संस्कार से जुड़े मामले में नया केस दर्ज कर जांच करने को कहा था।

बताया गया कि पीड़िता का अंतिम संस्कार निर्मल घोष की मौजूदगी में पानीहाटी में जल्दबाजी में किया गया था। इसी को लेकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और उसमें शामिल लोगों की भूमिका पर सवाल उठे।

निर्मल घोष के अलावा दो और लोगों के नाम

पुलिस ने इस नए मामले में निर्मल घोष के अलावा पानीहाटी नगरपालिका के काउंसलर सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी नामजद किया है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अंतिम संस्कार से जुड़ा यह नया केस आरजी कर रेप-मर्डर के मूल मामले की जांच से अलग है।

सीबीआई पहले ही मूल रेप और मर्डर केस की जांच अपने हाथ में ले चुकी है, जबकि अंतिम संस्कार से संबंधित नए मामले की जांच पश्चिम बंगाल पुलिस कर रही है।

अंतिम संस्कार की फीस और दस्तावेजों पर भी सवाल

शुभेंदु अधिकारी ने अंतिम संस्कार से जुड़े कुछ पहलुओं पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अंतिम संस्कार की फीस माफ किया जाना और दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होना जांच का विषय है।

उन्होंने निर्मल घोष, सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी की भूमिका की जांच की जरूरत बताई थी। इसके बाद बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

अब आगे क्या होगा?

निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस नए मामले से जुड़े तथ्यों और कथित सबूतों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में वास्तव में क्या हुआ था और इसमें नामजद लोगों की क्या भूमिका थी।

हालांकि, निर्मल घोष पर लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है और गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मूल आरजी कर रेप-मर्डर केस की जांच अलग से सीबीआई के दायरे में है।

आरजी कर कांड के करीब दो साल बाद अंतिम संस्कार से जुड़े मामले में हुई इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर उस रात की घटनाओं और उसके बाद हुई कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच से यह साफ होने का इंतजार है कि अंतिम संस्कार से जुड़े आरोपों के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या था और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।