
पैलेट गन मामले में राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की।Source : Chrome
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र साहिल लोचब की शिकायत पर FIR दर्ज की है। शिकायत में पैलेट जैसे धातु के छर्रों से घायल होने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत केस दर्ज किया है।
दो धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
दिल्ली पुलिस की FIR के मुताबिक, मामला BNS की धारा 118 और 125 के तहत दर्ज किया गया है। धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से जुड़ी है, जबकि धारा 125 किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित है।मामले की जांच की जिम्मेदारी पुलिस अधिकारी एसआई मोहित वर्मा को सौंपी गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटना से जुड़े साक्ष्यों और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
प्रदर्शन के दौरान घायल होने का दावा
शिकायतकर्ता साहिल लोचब दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र हैं। उनका कहना है कि वह 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में शामिल हुए थे। यह प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की 2025 की परीक्षा में कथित गड़बड़ी और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर किया गया था। कनॉट प्लेस के पास प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और भगदड़ की स्थिति बन गई। इसी दौरान नीली वर्दी पहने एक व्यक्ति ने कथित तौर पर उन पर पास से धातु के छर्रे दागे। उनका दावा है कि छर्रे उनकी छाती, बांह और दाहिनी आंख में लगे।
आंख की रोशनी को लेकर गंभीर दावा
साहिल ने शिकायत में बताया कि उनकी दाहिनी आंख की रोशनी बुरी तरह प्रभावित हुई है। डॉक्टरों ने उन्हें आंख की रोशनी वापस आने की संभावना बेहद कम होने की बात बताई है।उनके अनुसार, एम्स में किए गए CT स्कैन में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में 200 से ज्यादा छर्रे मिले। इनमें आंख, गर्दन, जबड़े, बांह और दिल के पास छाती का हिस्सा शामिल है। कुछ छर्रों को निकालना संभव नहीं होने की बात भी सामने आई है।इलाज के दौरान उन्हें लेडी हार्डिंग और सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उन्हें एम्स भेजा गया। वहां 22 जुलाई और 1 अगस्त को उनकी आंख की सर्जरी हुई।
CCTV और ड्रोन फुटेज सुरक्षित रखने की मांग
साहिल ने पुलिस से घटना से जुड़े CCTV और ड्रोन फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। इनमें जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, पटेल चौक और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास की रिकॉर्डिंग शामिल है।उन्होंने सर्जरी के दौरान निकाले गए छर्रों की फॉरेंसिक जांच कराने और इलाज से जुड़े दस्तावेज संबंधित अस्पतालों से हासिल करने की भी मांग की है। लंबे इलाज को देखते हुए मुआवजे पर विचार करने की अपील भी की गई है।
राहुल गांधी ने उठाया था मामला
राहुल गांधी ने साहिल से मुलाकात के बाद इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाया था। शुक्रवार को उन्होंने संसद मार्ग स्थित डीसीपी कार्यालय के बाहर धरना भी दिया और पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की।FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि साहिल के शरीर में छर्रे हैं और उनकी आंख की रोशनी प्रभावित हुई है। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई में देरी को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
पुलिस जांच से सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए CCTV और ड्रोन फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी।पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर लगाए गए आरोपों पर अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल FIR में दर्ज आरोपों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
